मध्य प्रदेश में तेजी से बदल रहा मौसम, बीमारियों से बचने कर लें तैयारी, छोटी सी मिस्टेक पड़ेगी भारी
बदलता मौसम सेहत के लिए एक बार फिर बना परेशानी. दिन में गर्मी और रात में सर्दी होने से मौसमी बीमारियों का बढ़ा खतरा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 21, 2026 at 5:57 PM IST
|Updated : February 21, 2026 at 7:09 PM IST
शहडोल: फरवरी के महीने में ऋतु परिवर्तन की वजह से कभी गर्मी तो कभी सर्दी की समस्या बनी रहती है. दिन में धूप होने की वजह से लोग गर्म कपड़ों से परहेज करते हैं. वहीं, सुबह और शाम फिर ठिठुरन बढ़ जाती है. इस बदलते मौसम में ही सर्द-गर्म में अक्सर लोग बीमार पड़ जाते हैं. आज हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं कि इस बदलते मौसम में कैसे अपनी सेहत और खान-पान से लेकर एक्सरसाइज तक का ख्याल रखें.
बदलते मौसम में ऐसे रखें सेहत का ख्याल
मौसम के इस बदलाव के समय में सेहत को लेकर बहुत ही सजग रहने की जरूरत है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आपको किसी भी बीमारी की चपेट में ला सकती है. आयुर्वेद डॉक्टर अंकित नामदेव बताते हैं, '' ऋतु परिवर्तन की वजह से सर्दी और गर्मी की समस्या होता है. जब हम एक ऋतु से दूसरे रितु की ओर जाते हैं, तो इस ट्रांजैक्शन फेज को आयुर्वेद में ऋतु संधि बोला गया है.''
खान-पान का का रखें खास ध्यान
आयुर्वेद डॉक्टर कहते हैं, '' पिछली ऋतु का जो आचरण है, वो धीरे-धीरे छोड़कर आने वाले ऋतु का आचरण अपनाना पड़ता है. जैसे ठंड के समय में हमारे शरीर की अग्नि बहुत अच्छी होती है, तो हम भरपेट भोजन करते हैं. लेकिन जैसे-जैसे गर्मी आने लगती है तो शरीर से अग्नि कम होने लगती है, ऐसे में हमें हल्का भोजन खाना चाहिए.''
सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी बीमारियों से ऐसे करें बचाव
आयुर्वेद डॉक्टर अंकित नामदेव ने बताया, " इस समय सुबह और शाम ठंड रहती है, दिन में हल्की गर्मी होती है तो कोशिश करना चाहिए कि सुबह-शाम को गर्म वस्त्र पहनें. दोपहर को हम भले गर्म वस्त्र न पहनें चलेगा, लेकिन सुबह शाम जब ठंड का अहसास होता है तो गर्म वस्त्र पहन्ना जरूरी है. इससे हम सर्दी जुकाम बुखार जैसी बीमारियों से बच सकते हैं."
एक्सरसाइज में भी करें बदलाव
आयुर्वेद डॉक्टर अंकित नामदेव आगे बताते हैं, "मौसम बदलने के साथ लोगों को अपने एक्सरसाइज को भी बदलना चाहिए. जैसे ठंड के समय में शरीर का बल अच्छा होता है, तो उस समय पर एक्सरसाइज आप फुल कर सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे ग्रीष्म ऋतु की ओर बढ़ते हैं, तो शरीर का बल जो होता है वो भी क्षीण होने लगता है, मौसम बदलने के साथ ही एक्सरसाइज भी मॉडरेट करनी चाहिए, एक्सट्रीम एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए."
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उन्होंने बताया कि शरद ऋतु में ठंड के समय में हम लोग अधिक भोजन कर लेते हैं, लेकिन ठंड से गर्मी के मौसम में आते ही हमें उस आदत को कम कर देना चाहिए. क्योंकि हम धीरे-धीरे गर्मी की ओर आ रहे हैं तो ऐसे भोजन जो की तासीर में गर्म हैं उन्हें कम कर देना चाहिए.

