टीकाराम जूली बोले, 'मुख्यमंत्री का आचरण पद के विपरीत, सदन में छाती पीट कर बोलना शोभा नहीं देता'
डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी कुर्सी की चिंता सता रही है. आज तक ऐसा नहीं हुआ कि चार बार सदन स्थगित हुआ हो.

Published : February 21, 2026 at 8:15 PM IST
जयपुर: राजस्थान विधानसभा में 2 साल बनाम 5 साल की चर्चा के दौरान शुरू हुए गतिरोध के चलते जहां सदन की कार्यवाही 5 बार स्थगित हुई, तो वही मुख्यमंत्री के भाषण के बीच विपक्ष ने सदन से वॉक आउट कर दिया. सत्ता पक्ष ने जहां विपक्ष पर सदन से भागने के आरोप लगाए, तो वहीं कांग्रेस ने भी सत्ता पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का आचरण पद के अनुरूप नहीं था और छाती ठोक–ठोक कर भाषण दे रहे थे. ऐसे भाषण सदन में कौन देता है? जूली ने कहा कि आज सदन में 2 साल बनाम 5 साल पर चर्चा होनी थी. खुद मुख्यमंत्री ने इस चर्चा को एक्सेप्ट किया था.
जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री के पद की गरिमा होती है. लेकिन मुख्यमंत्री का आचरण पद के विपरीत था. सदन का नेता विधानसभा में खड़े होकर छाती पीट रहे हैं. जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री के सलाहकार उनकी भद पिटवाते हैं. दूसरा कोई और उनकी भद नहीं पिटवाता. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा अपनी किताब पर तो चर्चा कर ले, लेकिन इसमें 2 साल बनाम 5 साल की चर्चा की. एक लाइन और जोड़ लीजिए. हमारे लाख समझाने के बावजूद भी सत्ता पक्ष के लोग नहीं माने और अपनी बात पर ही अड़े रहे.
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'अल्बर्ट हॉल पर जनता के सामने होती चर्चा': जूली ने कहा कि 2 साल बनाम 5 साल के कामों की चर्चा विधानसभा में नहीं बल्कि अल्बर्ट हॉल पर खुले मंच पर जनता के सामने होनी थी. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री 5 साल की चर्चा की बात कर रहे थे. अब 15 साल की चर्चा की बात पर आ गए हैं. जूली ने कहा कि इस सदन में भैरो सिंह शेखावत, अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे जैसे नेता रहे हैं. जिन्होंने इस सदन को गौरवान्वित किया है. लेकिन आज ऐसे लोग पर्ची के माध्यम से आ गए हैं उन्हें न तो सदन से मतलब है न राजस्थान की जनता से मतलब. उन्हें सिर्फ रील नहीं बनवाने से मतलब है. इसके लिए उन्होंने 8 करोड़ का टेंडर दे रखा है.
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'मुझे बोलने से कौन रोक रहा है': नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के आरोपों पर पर कहा कि मुझे सदन में बोलने से कौन रोक रहा है. यह जनता देख रही है. कैसे मेरा माइक बंद किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने देना नहीं चाहते हैं. इसीलिए इस तरह के षडयंत्र कर कर हंगामा करवा देते हैं.
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'इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ': प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज सदन में संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार करने का काम किया है. हमें बहुत दुख है कि ऐसे अपरिपक्व लोग इस राजस्थान की विधानसभा में आ गए हैं और पर्ची से मुख्यमंत्री बन गए. इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि मुख्यमंत्री इस लेवल पर जाकर सत्ता का दुरुपयोग करे. अधिकारियों ने जो लिख कर दिया है, उसको पढ़ने के लिए फ्लोर का दुरुपयोग किया, यह निंदनीय है.
'कुछ गड़बड़झाला होने वाला है': डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी कुर्सी की चिंता सता रही है. आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि चार बार सदन स्थगित हुआ हो. मुख्यमंत्री ने कोई चर्चा नहीं की. संसदीय कार्य मंत्री ने कोई प्रस्ताव नहीं दिया, केवल एक ही बात कही कि हमारे मुख्यमंत्री को आखिरी बार बोलना है. मुझे लगता है कि विधानसभा सत्र के बाद कुछ ना कुछ गड़बड़झाला होने वाला है, इसलिए बोलेंगे. बजट में तो दीया कुमारी बोल गई. उन्होंने बजट का रिप्लाई भी दिया. इसलिए अपनी विफलताओं का विलाप छाती ठोक–ठोक कर कर रहे थे. यह सदन की गरिमाओं को तार-तार करने का काम है.

