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संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने पर टीकाराम जूली ने उठाए सवाल, बोले, 'बीच चुनाव सत्र बुलाना ठीक नहीं'

टीकाराम जूली ने नए जिलों को लेकर कहा कि राजस्थान में जिले और बनने चाहिए क्योंकि अगर जिले छोटे होंगे, तो न्याय भी जल्दी मिलेगा.

Leader of the Opposition Tikaram Jully
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : April 15, 2026 at 5:54 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने महिला आरक्षण के लिए मोदी सरकार की ओर से बुलाए जा रहे संसद के विशेष सत्र पर सवाल खड़े किए हैं. जूली ने कहा कि जब कई राज्यों में चुनावी आचार संहिता लगी हुई है. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव चल रहे हैं तो बीच चुनाव सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाना ठीक नहीं है. जूली ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मोदी सरकार एक बिल लेकर आ रही है जिसमें लोकसभा और विधानसभा की सीटें बढ़ाने की बात कही जा रही है. सरकार को पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और बैठक में चर्चा होनी चाहिए. जिस प्रकार से मनरेगा सर्वसम्मति से पास हुआ था, उसी तरह से काम करना चाहिए. लेकिन सरकार जबरदस्ती कर रही है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमें महिला आरक्षण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हम चाहते हैं कि ठीक तरह से इस पर चर्चा होनी चाहिए. सभी राज्यों को इसमें शामिल किया जाए और अगर कहीं से कोई आपत्ति आती है तो उसे सुना जाना चाहिए.

'संविधान को कमजोर कर रही है सरकार': जूली ने निकाय पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट की डेडलाइन को लेकर कहा कि हाईकोर्ट ने चुनाव कराने के लिए 15 अप्रैल की डेडलाइन दी थी. संविधान में साफ लिखा है कि हर 5 साल में चुनाव होने चाहिए. मुख्यमंत्री बड़े-बड़े भाषण दे रहे थे, लेकिन उन्होंने पिछले दो सालों में निकाय–पंचायत चुनाव नहीं कराकर लोकतंत्र और संविधान पर हमला करने का काम किया है. सरकार के इस रवैये से प्रदेश को 3000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है, जो दिल्ली से आता था. जूली ने कहा कि चुनाव नहीं होने से पंचायत में प्रशासक लगा दिए गए हैं, जो जनता की नहीं सुनते हैं. भरतपुर में जिला प्रमुख का उपचुनाव ढाई साल से नहीं हुआ. जबकि 6 महीने बाद ही उपचुनाव होना था.

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'पर्दे के पीछे से परिसीमन कर रहे हैं कुछ लोग': जूली ने प्रदेश में परिसीमन पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि राजस्थान में विधानसभा की कितनी सीटें बढ़ेंगी. यह बात मदन राठौड़ को कौन बोलता है? उन्होंने कहा कि जब परिसीमन आयोग का ही गठन नहीं हुआ, तो फिर कौन लोग हैं जो पर्दे के पीछे से परिसीमन की बात कर रहे हैं कि कौनसी सीट सामान्य होगी, कौनसी सीट रिजर्व होगी. जूली ने कहा कि जेएलएन मार्ग पर दो-तीन भाजपा के नेता हैं जो पर्दे के पीछे से अपनी मर्जी से दफ्तर चला कर परिसीमन का काम कर रहे हैं. जूली ने नए जिलों को लेकर भी कहा कि राजस्थान में जिले और बनने चाहिए क्योंकि अगर जिले छोटे होंगे, तो न्याय भी जल्दी मिलेगा. लोगों का समय कम खर्च होगा और मॉनिटरिंग अच्छी होगी. साथ ही कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी, तो युवाओं की भर्ती भी होगी, लेकिन भाजपा को इससे परेशानी है.