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बजट सत्र में भजनलाल सरकार को घेरेगा विपक्ष, जूली ने लगाए गंभीर आरोप, बोले- फेल हुई भाजपा सरकार

राजस्थान विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला.

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 5, 2026 at 5:20 PM IST

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जयपुर: राजस्थान विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर विपक्ष ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और भजनलाल सरकार को घेरने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा की भजनलाल सरकार दो साल के शासन में पूरी तरह फेल हो रही है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सदन में सरकार को घेरा जाएगा. सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भजनलाल सरकार का यह तीसरा बजट सत्र है और इस सत्र का बजट सरकार के दो साल की परफॉर्मेंस को तय करेगा.

इस सरकार में कोई सुरक्षित नहीं: नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भजनलाल सरकार के दो साल के शासन में कोई भी सुरक्षित नहीं है. सड़कों पर रोजाना हादसे हो रहे हैं, अस्पताल और स्कूल सुरक्षित नहीं हैं. व्यक्ति घर से बाहर जाए तो गैंगस्टर गोली मार देते हैं. इस राज में आदमी जाए तो कहां जाए? इस सरकार में पेंशन समय पर नहीं मिल रही, स्कॉलरशिप समय पर नहीं मिल रही, किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा.

टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा (ETV Bharat Jaipur)

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जूली ने कहा कि जनता को समझ में ही नहीं आ रहा कि सरकार में क्या हो रहा है. इन सब मुद्दों को लेकर हम विधानसभा में सरकार को घेरने का काम करेंगे. इस सरकार के मंत्री सदन में तैयारी के साथ नहीं आते, केवल आश्वासन देते हैं और जो पूरा रिकॉर्ड होता है उसे भी ऑनलाइन हटा दिया गया है, ताकि कोई देख न सके. हम अपने विधायकों से चर्चा करेंगे और उनके क्षेत्र की समस्याओं को लेकर भी मुद्दे तय करेंगे.

राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी हावी: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी हावी है, जनता की सुनवाई नहीं हो रही. बीजेपी के कार्यकर्ताओं की सुनवाई भी नहीं हो रही, अब तो भाजपा के नेता भी कह रहे हैं कि राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी हावी है. जूली ने कहा कि प्रदेश में आगे निकाय और पंचायत चुनाव होने हैं, इसे ध्यान में रखते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं की तो जन सुनवाई शुरू कर दी, लेकिन जनता सुनवाई के लिए कहां जाए.

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जूली ने कहा कि बीजेपी के विधायक कहते हैं कि उनकी सरकार में नहीं चल रही. ऐसा पहली बार हुआ है जब मुख्य सचिव ही इनकी हालत देखकर अपना ट्रांसफर लेकर चले गए और मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बदल दिया गया. अधिकांश अधिकारियों के पास एडिशनल चार्ज हैं. ब्यूरोक्रेसी को लेकर भी सरकार ने कोई सिस्टम नहीं बना रखा है. यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि सत्ता और संगठन में समन्वय नहीं है और टकराव के हालात बने हुए हैं. जूली ने कहा कि सीकर के प्रभारी मंत्री संजय शर्मा कलेक्टर से भिड़ जाते हैं.

जूली ने कहा कि राजस्थान में कहीं भी विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास होते हैं तो उनकी शिला पट्टिका पर विपक्षी विधायकों के नाम तक नहीं लिखे जाते, जबकि हमारी सरकार ने तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की सलाह पर ऐसे नियम बनाए थे कि सरकारी कामकाज की शिला पट्टिका पर विपक्षी सदस्यों के नाम भी लिखे जाएंगे, लेकिन उन नियमों को फॉलो नहीं किया जा रहा है.

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मनरेगा को लेकर साधा निशाना: मनरेगा में नाम बदलने और कई संशोधन किए जाने को लेकर जूली ने कहा कि इस देश के गरीब लोगों का पलायन रोकने और गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार ने मनरेगा योजना शुरू की थी, जिससे गांव समृद्ध हो, लेकिन यूपीए सरकार से लेकर अबकी मोदी सरकार के बीच अंतर ही आया है कि मनरेगा पहले कानून था, अब वह कानून नहीं रहा.

जूली ने कहा कि मनरेगा में पहले 90% पैसा केंद्र सरकार देती थी, अब 60% पैसा ही केंद्र सरकार देगी, 40% राज्यों को वहन करना पड़ेगा. पहले काम के आधार पर बजट तय होता था, अब बजट के आधार पर काम तय होगा. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इससे लाखों-करोड़ों लोग-मजदूर प्रभावित होंगे जो गांव में रहकर अपना रोजगार मनरेगा में पा रहे थे. फूड सिक्योरिटी एक्ट से उन्हें अनाज मिल रहा था. कांग्रेस की दी हुई पेंशन और निशुल्क दवा एवं शिक्षा से उनका जीवन यापन चल रहा था, लेकिन धीरे-धीरे यह सरकार वो सब खत्म कर देगी.

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जूली ने कहा कि मनरेगा को खत्म करने के लिए भगवान राम के नाम का सहारा लिया गया है, जिससे भगवान राम का नाम आते ही विपक्ष इसका विरोध ना करे. जूली ने कहा कि जी राम जी तो सबसे लास्ट में आता है, इसका मतलब यह है कि इन्होंने मनरेगा का जी राम जी कर दिया. इस योजना के कमजोर होने से गांव में फिर से पलायन होना शुरू हो जाएगा, फिर से लोग बंधुआ मजदूर बन जाएंगे.