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MHTR में छोड़ी MT-7 बाघिन को किया 21 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रिलीज

बाघिन MT-7 को प्राकृतिक वन क्षेत्र में मुक्त करने का अंतिम निर्णय उसके प्रदर्शन, व्यवहार व विशेषज्ञों की राय के आधार पर किया जाएगा.

Tigress MT 7 fitted with radio collar
बाघिन MT 7 को लगाया रेडियो कॉलर (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 21, 2026 at 10:27 PM IST

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कोटा: रणथंभौर टाइगर रिजर्व की बाघिन टी-114 की रीवाइल्ड बाघिन एमटी-7 को बीते 2 साल से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व (MHTR) में छोटे एनक्लोजर में रखा हुआ था. वन्यजीव प्रेमी उसे एनक्लोजर से रिलीज करने की मांग कर रहे थे. नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने इसी माह रिलीज की अनुमति दी. इसके बाद शनिवार को बाघिन को 21 हेक्टयर के एंक्लोजर में रिलीज किया गया.

एमएचटीआर के फील्ड डायरेक्टर और मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव कोटा सुगनाराम जाट ने बताया कि मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक (CWLW) की अनुमति से बाघिन को रिलीज किया गया. इसके पहले एक कमेटी और एक्सपर्ट टीम बनाई गई थी. जिसमें फील्ड अधिकारी, पशु चिकित्सक व वन्यजीव जीव विज्ञानी शामिल हैं. एनटीसीए के पूरे प्रोटोकॉल पालन के अनुसार शाम 5:30 पर बाघिन को ट्रेंकुलाइज किया था. उसे रेडियो कॉलर लगाया गया. इसके साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण और नमूने लिए गए.

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बाघिन को 5 हेक्टेयर के री-वाइल्डिंग एनक्लोजर में रखा था. वह करीब सवा साल से इसमें ही थी. ऐसे में बाघिन MT-7 को रेडियो कॉलर लगाया गया. इसके साथ ही रीवाइल्डिंग के अगले फेज में 21 हेक्टेयर के एंक्लोजर में रिलीज किया गया है. भविष्य में बाघिन को प्राकृतिक वन क्षेत्र में मुक्त करने का अंतिम निर्णय उसके प्रदर्शन, व्यवहार व विशेषज्ञों की राय के आधार पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक लेंगे.

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ढाई महीने की उम्र में लाया गया था बायोलॉजिकल पार्क: सीसीएफ सुगनाराम जाट ने कहा कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व की बाघिन टी-114 की मौत हो गई. जिसके बाद ढाई महीने की उम्र में दोनों शावकों को 31 जनवरी, 2023 को अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट किया गया था. जहां पर उन्हें 2 साल रखकर रिवाइल्ड किया गया. इसके बाद बाघ को रामगढ़ विषधारी और बाघिन को एमटीएचआर में शिफ्ट किया गया था. जाट ने बताया कि बाघिन एमटी-7 एमएचटीआर के 5 हेक्टेयर री-वाइल्डिंग एनक्लोजर में 14 माह से रह रही थी. इस अवधि में बाघिन ने सफल शिकार, स्वाभाविक व्यवहार व अनुकूलन क्षमता प्रदर्शित की. एनटीसीए की विशेषज्ञ टीम ने बाघिन के व्यवहार, शिकार क्षमता व अनुकूलन का मूल्यांकन किया. विस्तृत परीक्षण और फील्ड अवलोकन के उपरांत रीवाइल्डिंग योजना को अनुमोदित किया गया.