बाघ RVT-07 ने जंगल में जमाई धाक, 41 वर्ग किमी में बनाया ठिकाना, दबंग RVT-01 से आमना-सामना फिर भी नहीं हुई तनातनी
RVT-07 का RVT-06 के साथ घनिष्ठ सामाजिक और मैटिंग व्यवहार भी रिकॉर्ड किया गया है. इसे प्राकृतिक व्यवहार और सफल अनुकूलन माना जा रहा है.

Published : August 31, 2026 at 5:24 PM IST
बूंदी: रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में नर बाघ RVT-07 ने महज दो माह में जंगल में धाक जमा ली है. 23 जून को छोड़े गए बाघ ने 41 वर्ग किमी में भ्रमण किया और छह बार खुद शिकार किया. खास बात यह है कि दबंग नर RVT-01 से दो-तीन बार आमना-सामना होने के बावजूद संघर्ष नहीं हुआ. वन विभाग इसे री-वाइल्डिंग की सफलता मान रहा है.
वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक सुगना राम जाट ने बताया कि RVT-07 की पोस्ट-रिलीज मॉनिटरिंग लगातार हो रही है. GPS/VHF रेडियो कॉलर से मिले मूवमेंट और मैप से पता चला कि बाघ ने अब तक करीब 41 वर्ग किमी क्षेत्र का इस्तेमाल किया है. शुरुआती दिनों में वह अलग-अलग इलाकों में घूमकर परिस्थितियों को समझता रहा, लेकिन अब गतिविधियां कुछ क्षेत्रों में केंद्रित होने लगी हैं. इसे संभावित होम रेंज और टेरिटरी विकसित करने का संकेत माना जा रहा है.
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दबंग RVT-01 से आमना-सामना, नहीं हुआ संघर्ष: जाट ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम RVT-07 का प्रमुख नर RVT-01 से आमना-सामना होना है. मॉनिटरिंग के दौरान दोनों दो-तीन बार संपर्क में आए. सामान्यतः दो वयस्क नर बाघों के बीच टकराव की आशंका रहती है, लेकिन यहां कोई संघर्ष नहीं हुआ. यह संकेत है कि RVT-07 धीरे-धीरे मौजूदा बाघों के बीच अपने लिए जगह बना रहा है और तालमेल बेहतर हो रहा है.
जंगल में खुद शिकार, छह बार सफलता: री-वाइल्डिंग की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण उसकी स्वतंत्र शिकार क्षमता है. अब तक उसने छह प्राकृतिक शिकार सफलतापूर्वक किए हैं, यानी भोजन के लिए मानवीय मदद पर निर्भर नहीं रहा. मॉनिटरिंग में सेंट स्प्रे, स्क्रैच मार्किंग और रेक मार्किंग जैसे टेरिटोरियल व्यवहार भी रिकॉर्ड हुए हैं. अन्य बाघों के क्षेत्रों में आने-जाने के बावजूद कोई प्रत्यक्ष आक्रामक संघर्ष दर्ज नहीं हुआ है.
RVT-06 के साथ भी संपर्क: जाट ने बताया कि RVT-07 का RVT-06 के साथ घनिष्ठ सामाजिक संपर्क और मैटिंग व्यवहार भी रिकॉर्ड किया गया है. इसे प्राकृतिक व्यवहार और सफल अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है. RVT-07 की निगरानी 24x7 वैज्ञानिक तरीके से हो रही है. GPS/VHF कॉलर के साथ कैमरा ट्रैप, फील्ड सर्विलांस और MSTrIPES आधारित पेट्रोलिंग से हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है. अब तक व्यवहार, शिकार क्षमता और अन्य बाघों के साथ तालमेल सकारात्मक रहा है. RVT-01 जैसे प्रभुत्वशाली नर के साथ बिना संघर्ष संपर्क ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं.

