कुमाऊं में एक हफ्ते के भीतर बाघ ने 3 लोगों को बनाया निवाला, इस बार मजदूर को मार डाला
रामनगर में फिर बाघ का कहर, देचोरी रेंज के भलोन क्षेत्र में बाघ के हमले में मजदूर की मौत, इलाके में दहशत का माहौल

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 4, 2026 at 9:31 PM IST
|Updated : January 4, 2026 at 9:36 PM IST
रामनगर: उत्तराखंड में वन्यजीवों के हमले के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं. इसी कड़ी में रामनगर में फिर से बाघ का हमला देखने को मिला है. जहां रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत देचोरी रेंज के पाटकोट क्षेत्र के भलोन गांव में बाघ ने एक मजदूर की जान ले ली. मजदूर मूल रूप से बिहार का रहने वाला था. जो सिंचाई विभाग के अंतर्गत चल रहे पाइपलाइन बिछाने के काम में रामनगर आया हुआ था.
बाघ ने मजदूर को मार डाला: जानकारी के मुताबिक, भलोन क्षेत्र में पूर्व प्रधान मनमोहन पाठक की गौशाला के पास यह मजदूर पाइपलाइन फिटिंग का काम कर रहा था. जहां रविवार शाम करीब 7 बजे अचानक जंगल से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया. जिसके बाद उसे घसीट कर ले गया. जिसे देख अन्य मजदूरों के होश उड़ गए. उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया, लेकिन बाघ ने उसे नहीं छोड़ा.
वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में वन विभाग को बाघ के हमले की सूचना दी गई. सूचना मिलते ही रामनगर वन प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों, पैदल दलों एवं ड्रोन की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया. कुछ दूरी पर जंगल के भीतर मजदूर का शव बरामद कर लिया गया. शव मिलने के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल और ज्यादा बढ़ गया.
बाघ के हमले में मौत-
- अभिमन्यु कुमार पुत्र भगेलू साह (उम्र 30 वर्ष), निवासी- जोकटिया, थाना मझौलिया, जिला बेतिया (पश्चिम चंपारण), बिहार
रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने घटना की पुष्टि कर घटना को दुखद बताया. उन्होंने बताया कि पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है. बाघ की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. साथ ही नागरिकों से सतर्क रहने और वन विभाग का सहयोग करने की अपील की गई है.

"घटना स्थल पर पिंजरा लगाने की अनुमति मिल गई है. जिसके बाद बाघ को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी गई है. वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है और पूरे इलाके में निगरानी की जा रही है."- ध्रुव मर्तोलिया, डीएफओ, रामनगर वन प्रभाग
एक हफ्ते के भीतर बाघ ने तीन लोगों को बनाया निवाला: गौर हो कि पिछले एक हफ्ते के भीतर बाघ के हमले की यह तीसरी घटना है. इससे पहले टोटाम के क्यारी गांव और सांवल्दे क्षेत्र में भी बाघ के हमलों में दो महिलाओं की जान जा चुकी है. अब पाटकोट क्षेत्र के भलोन गांव में मजदूर को मौत के घाट उतारा है.
बाघ को पकड़ने की मांग: वहीं, लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों और मजदूरों में भारी दहशत है. क्षेत्रीय राज्य आंदोलनकारी अध्यक्ष नवीन नैनवाल समेत ग्रामीणों ने वन विभाग से ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने और ठोस सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है.
ये भी पढ़ें-

