कॉर्बेट क्षेत्र में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर बाघ का हमला, शव घसीटकर जंगल में ले गया, ग्रामीण डरे
उत्तराखंड में जंगली जानवरों का आतंक कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है. अब रामनगर में बाघ ने महिला को निवाला बनाया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 2, 2026 at 5:32 PM IST
रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे रामनगर क्षेत्र के एक बार फिर बाघ का हमले की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि ढेला रेंज के सांवल्दे गांव में शुक्रवार दो जनवरी को बाघ ने 60 साल की महिला पर हमला किया. इस हमले में महिला की मौत हो गई. बाघ महिला को घसीटकर जंगल के भीतर भी ले गया था.
मृतक महिला की शिनाख्त 60 साल की सुखियां (पत्नी चंदू सिंह) निवासी सांवल्दे गांव रामनगर के रूप में हुई है. सुखियां बक्सा समुदाय से ताल्लुक रखती थी. बताया जा रहा है कि सुखियां रोजाना की तरफ गांव की अन्य महिलाओं के साथ घर के पास जंगल में ही लकड़ी लेने गई थीं. तभी पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक से सुखियां पर हमला कर दिया.
महिला का घसीट कर जंगल में ले गया था बाघ: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाघ महिला को घसीटते हुए हुए घने जंगल की तरफ ले गया था. महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बाघ महिला को जंगल के भीतर काफी दूर ले जा चुका था. घटना की सूचना मिलते के बाद से ही पूरे गांव में डर का माहौल है.

मामले की जानकारी मिलते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला, उप निदेशक राहुल मिश्रा सहित वन विभाग की पूरी टीम मौके पर पहुंची. महिला को ढूंढने के लिए तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. काफी प्रयासों के बाद वन कर्मियों को महिला का शव जंगल के अंदर से मिला.
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि बाघ के हमले की सूचना मिलने पर ग्रामीण हथियारों, लाठी-डंडों और तलवारों के साथ मौके पर पहुंच रहे थे, जिन्हें तत्काल रोका गया.
जंगल में कुछ महिलाएं लकड़ी लेने गई थी. तभी बाघ ने एक महिला का शिकार किया. इसके बाद एसएचओ रामनगर और अन्य पुलिस बल को तुरंत मौके पर बुलाया गया. वन विभाग के साथ संयुक्त टीम बनाकर महिला का शव जंगल के अंदर से रिकवर किया गया.
- मंजूनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल -
बाघ की गतिविधियों रखी जा रही नजर: इस घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में अतिरिक्त वन कर्मियों को तैनात कर दिया है. साथ ही आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगल की ओर अकेले न जाएं और पूरी सतर्कता बरतें.
इलाके में पिंजरे लगाए गए: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए मौके पर पिंजरे लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही कैमरा ट्रैप और ड्रोन के माध्यम से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने दोहराया कि सर्दियों के मौसम में वन्यजीव अधिक आक्रामक हो जाते हैं, इसलिए ग्रामीण जंगल में प्रवेश न करें.

अफवाह फैलाने वालों पर एक्शन: वहीं, एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने अपील करते हुए कहा कि कॉर्बेट एक नेशनल पार्क है, जहां बाघों की अच्छी खासी आबादी है. यह घटना बेहद दुखद है, लेकिन इसकी आड़ में कुछ असामाजिक तत्व अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे थे. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वहीं एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी के बयान पर ग्रामीणों में नाराजगी जताई. ग्रामीण महेश जोशी ने कहा कि वन्यजीवों के लगातार बढ़ते हमलों से ग्रामीण पहले से ही भय और दहशत में जी रहे हैं. ऐसे संवेदनशील समय में प्रशासन से सहानुभूति और संवेदना की अपेक्षा होती है, लेकिन उसके बजाय इस तरह के बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
महेश जोशी ने स्पष्ट किया कि घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण महिला को देखने के लिए मौके पर पहुंचे थे. इस दौरान कुछ लोगों के हाथों में डंडे हो सकते हैं, लेकिन यह कहना कि ग्रामीण असले और तलवार लेकर पहुंचे थे, पूरी तरह गलत और भ्रामक है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को ग्रामीणों की पीड़ा समझनी चाहिए, न कि उन्हें अपराधी की तरह पेश करना चाहिए महेश जोशी ने कहा हम आतंकवादी नहीं है.
वहीं मामले में एसडीएम रामनगर प्रमोद कुमार ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद लोगों में आक्रोश होना स्वाभाविक है. उन्होंने बताया कि जाम खुलवा दिया गया है और कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व द्वारा नियमों के अनुसार पिंजरा लगाने व बाघ को पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही पीड़ित परिवार को नियमानुसार हरसंभव मदद भी प्रदान की जाएगी.
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