ETV Bharat / state

बूंदी में वनकर्मियों पर जानलेवा हमले के 25 दिन बाद हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपी पप्पूलाल मीणा लाखेरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है. उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में 10 आपराधिक केस हैं.

Lakheri Police Station, Bundi
लाखेरी पुलिस थाना, बूंदी (ETV Bharat Bundi)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : June 30, 2026 at 9:08 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

बूंदी: लाखेरी क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर जानलेवा हमला, सरकारी वाहन को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त करने तथा राजकार्य में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने पप्पूलाल मीणा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. पप्पूलाल लाखेरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक भी जब्त कर ली, जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉली पहले ही पकड़ी जा चुकी है.

पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि लाखेरी थानाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम ने हिस्ट्रीशीटर पप्पूलाल मीणा, दीपक मीणा और सियाराम मीणा को गिरफ्तार किया. इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 3(5) तथा पीडीपीपी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई.

पढ़ें:आधी रात को गांव में घुसे बदमाश, ग्रामीणों की हुंकार पर गाड़ी छोड़ भागे, लोग बोले-डकैती डालने या सोलर प्लेट्स चुराने आए थे

पप्पू पर 10 केस: थानाधिकारी सुभाषचंद्र शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी सूचना के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया. थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पप्पूलाल मीणा लाखेरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है. उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में दस आपराधिक केस हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रहे हैं.

पांच जून की घटना: लाखेरी थाना प्रभारी सुभाष शर्मा ने बताया कि क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रथम रेंज जितेंद्र सिंह ने पिछली 8 जून को रिपोर्ट दी थी कि 5 जून को वे वन विभाग के कर्मचारियों के साथ सरकारी वाहन से जंगल में गश्त पर निकले थे. लाखेरी के चमावली गांव के मुख्य मार्ग पर काली रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखी. उसे रोकने का प्रयास किया तो चालक ट्रैक्टर को तेज गति से भगाने लगा.

पीछा करने के दौरान ट्रैक्टर चालक ने सरकारी वाहन को साइड से टक्कर मार दी. आरोपियों ने ट्रॉली पलट दी और वाहन छुड़ाकर भागने का प्रयास किया. वन विभाग की टीम के कार्य में बाधा डाली, कर्मचारियों से धक्का-मुक्की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी. बिना नंबरी बाइक से आए पप्पूलाल मीणा और राहुल मीणा ने ग्रामीणों को उकसाया, जबकि सियाराम मीणा समेत अन्य लोगों ने वन विभाग की कार्रवाई में बाधा पहुंचाई.

पढ़ें: Bundi Crime : अधिवक्ता के घर आधी रात धावा बोलने वाले मुख्य आरोपी समेत 5 गिरफ्तार