नये साल से हथियार नहीं उठाएंगे ये तीन नक्सली, DGP के सामने किया आत्मसमर्पण
बिहार के मुंगेर में तीन कुख्यात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. डीजीपी विनय कुमार को अपने हथियार सौंप दिए.

Published : December 28, 2025 at 6:24 PM IST
मुंगेर: साल 2025 के अंत में कुख्यात नक्सलियों ने अपना हथियार डाल दिया. अब नए साल में समाज से जुड़कर सादगी के साथ जीवन बिताएंगे. रविवार को मुंगेर में बिहार डीजीपी विनय कुमार और एडीजी कुंदन कृष्णन के समक्ष 3-3 लाख का इनामी नक्सली नारायण कोड़ा और बहादुर कोड़ा सहित तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया.
डीजीपी ने किया स्वागत: डीजीपी विनय कुमार ने तीनों का स्वागत करते हुए फूलों का माला पहनाया. यह नजारा मुंगेर जिला अंतर्गत नक्सल प्रभावित हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के आरएसके कॉलेज परिसर में में देखने को मिला. इस कार्यक्रम में डीजीपी विनय कुमार, एडीजी हेड क्वाटर कुंदन कृष्णन, एसटीएफ एसपी संजय सिंह और कई वरीय पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे.
इन नक्सलियों ने किया सरेंडर: पुलिस के अनुसार 23 नक्सली कांडों में फरार जोनल कमाण्डर नारायण पिता स्वर्गीय रतु कोड़ा ने आत्मसमर्पण किया है. वह लडैयाटांड़ थाना के पैसरा गांव का रहने वाला है. दूसरा भाकपा माओवादी 24 नक्सली कांडों में फरार जोनल कमाण्डर बहादुर कोड़ा पिता स्वर्गीय चुटर कोड़ा ने भी आत्मसमर्पण किया, जो हवेली खड़गपुर के बघेल का रहने वाला है. तीसरा 3 नक्सली कांडों में फरार दस्ता सदस्य बिनोद कोड़ा, पिता सोनेलाल कोड़ा ने सरेंडर किया. जो लखीसराय के ग्राम शीतला कोड़ासी निवासी है.

हथियार और कारतूस सौंपे: इस अवसर पर पूर्व में आत्मसमर्पित नक्सली रावण कोड़ा एवं भोला कोड़ा के परिजन भी यहां उपस्थित रहे. नारायण एवं बहादुर कोड़ा के द्वारा अपने साथ 2 इन्सास रायफल, 4 एसएलआर राइफल, 500 चक्र गोली, 10 वॉकी-टॉकी भी प्रस्तुत किया गया है. डीजीपी ने बताया कि आत्मसमर्पण उपरान्त बिहार सरकार एवं मुंगेर जिला प्रशासन के तरफ से इन्हें तथा इनके परिवार को सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी.

नक्सल मुक्त इलाकों में हो रहा विकास: बिहार में उग्रवाद दशकों से एक बड़ी समस्या रही है. जिसके कारण 38 जिलों एवं 2 पुलिस जिला में 23 जिलें उग्रवाद से पूर्णतः प्रभावित हुए थे. जिनमें मुंगेर जिला भी प्रारंभ से हीं शामिल रहा है. इन इलाकों में विकास के काम नहीं पो पाए, लेकिन अब सरकार की ओर से इन इलाकों के लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है.
"बिहार पहला राज्य है, जहां तेजी से नकस्लियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. 2005 से अरवल, जहानाबाद जिला पूरी तरह से मुक्त हो गया है. इन इलाकों में सरकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ा जा रहा है. सड़कें बनायी जा रही हैं. समाज के लोगों में नक्सलवाद का असर खत्म है." -विनय कुमार, डीजीपी, बिहार
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