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सड़क हादसे ने उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार: पत्नी-बेटे के बाद पति ने भी तोड़ा दम

घायल आठ वर्षीय कृशांश ने अपनी मां और छोटे भाई को मुखाग्नि दी. नवीन का पार्थिव शरीर भी गुरुग्राम से नैनवां लाया जा रहा है.

Bundi Family died in Accident
हादसे में मृत बच्चा व दंपती (ETV Bharat Bundi)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 24, 2026 at 6:31 PM IST

3 Min Read
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बूंदी: एक खुशहाल परिवार, जो शादी की खुशियों में शामिल होकर लौट रहा था, उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है. हरियाणा के गुरुग्राम के पास सोहना हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने बूंदी जिले के नैनवां कस्बे के एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया. पत्नी और तीन वर्षीय मासूम बेटे की मौत के बाद मंगलवार को पति ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया. अब एक आठ साल का बेटा अपनों की यादों के सहारे जिंदगी जीने को मजबूर है.

नैनवां निवासी 39 वर्षीय नवीन सोनी गुड़गांव के एक बैंक में अधिकारी थे. वे अपनी पत्नी 38 वर्षीय माधुरी और दो पुत्रों आठ वर्षीय कृशांश व तीन वर्षीय वियांश के साथ जयपुर में साले की शादी में शामिल होने आए थे. रिश्तेदार दीक्षांत सोनी ने बताया कि रविवार दोपहर परिवार कार से वापस गुरुग्राम लौट रहा था. सोहना के पास अचानक कार का टायर फट गया. अनियंत्रित कार डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई. चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच चारों गंभीर रूप से घायल हो गए.

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राहगीरों की मदद से उन्हें गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने माधुरी और छोटे बेटे वियांश को मृत घोषित कर दिया. पति नवीन की हालत अत्यंत गंभीर थी. उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां वे बीते 24 घंटे से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे. मंगलवार सुबह नवीन ने भी अंतिम सांस ली. यह खबर मिलते ही नैनवां में शोक की लहर दौड़ गई.

पीहर में भी छाया मातम: माधुरी पति और बच्चों के साथ अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने जयपुर आई थीं. बेटी और नाती की मौत की खबर ने पीहर पक्ष को अंदर तक तोड़ दिया. अब दामाद के निधन की सूचना ने घावों को और गहरा कर दिया है. परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे.

मां-बेटे की एक ही चिता पर विदाई: दीक्षांत ने बताया कि सोमवार शाम जब माधुरी और तीन वर्षीय वियांश के शव नैनवां लाए गए, तो पूरा कस्बा शोक में डूब गया. स्वर्णकार समाज से जुड़े लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर शोक जताया. अंतिम यात्रा में शहर के लोग शामिल हुए. मां और बेटे का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया. घायल आठ वर्षीय कृशांश ने अपनी मां और छोटे भाई को मुखाग्नि दी. मासूम हाथों से दी गई अग्नि ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं. इधर, मंगलवार को नवीन की मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर भी गुरुग्राम से नैनवां लाया जा रहा है.