वांटेड बदमाश को पकड़ने गई पुलिस, हत्थे चढ़े क्रिप्टो ट्रेडिंग के ठग, जानें कैसे करते थे Cyber Crime
आरोपी क्रिप्टो में निवेश के नाम से ठगते थे. उनके पास 58 एटीएम कार्ड, 18 मोबाइल, चार लैपटॉप, 19 सिम और दो-दो चेकबुक, पासबुक मिली.

Published : January 6, 2026 at 1:41 PM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर की बजाज नगर थाना पुलिस ने क्रिप्टो में निवेश करवाने के नाम पर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाली एक गैंग का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 58 एटीएम कार्ड, 18 मोबाइल, चार लैपटॉप, 19 सिम और दो-दो चेकबुक, पासबुक व एक सीसीटीवी कैमरा जब्त किया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गैंग ऑनलाइन ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाती है. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी की शिकायतें होने की बात भी सामने आई हैं. अब इनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि इस गिरोह के बदमाश रकम ट्रांसफर करने के लिए किराए के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं.
कमरे में ऑनलाइन काम करते मिले आरोपी: बजाज नगर थानाधिकारी पूनम चौधरी ने बताया कि उनके थाने की टीम एक पुराने मामले में आरोपी की तलाश में जुटी थी. यह टीम एक साल से फरार वांटेड आरोपी की मोबाइल लोकेशन के आधार पर पीछा करते हुए महेश नगर में एक मकान तक पहुंची. इस मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में तीन लोग मिले. जो लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन काम कर रहे थे. इनके पास 58 एटीएम कार्ड, 18 मोबाइल, चार लैपटॉप, 19 सिम और दो-दो चेकबुक, पासबुक मिली.
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महेश नगर पुलिस करेगी मामले की जांच: उन्होंने बताया कि साइबर ठगी के आरोप में थड़ी मार्केट निवासी दिनेश गवरानी, सोडाला निवासी नितिन कुमार और जयसिंहपुरा खोर निवासी आर्यन सैनी को गिरफ्तार किया गया है. यह मामला महेश नगर थाना इलाके का होने के कारण तीनों को अग्रिम अनुसंधान के लिए महेश नगर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है. पूछताछ में साइबर ठगी गिरोह के नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारी हाथ लगने की संभावना है.
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तीन राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें: तीनों आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ये अपने मालिक दीपक अग्रवाल उर्फ दर्शन के लिए काम करते हैं. यह गिरोह लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता है. इन आरोपियों के पास जो बैंक खाते मिले हैं. उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है. जिसे लेकर पड़ताल जारी है.
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आरोपी नहीं मिला, सिम का ठगी में उपयोग: प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग से जुड़े लोग क्रिप्टो में निवेश करवाने के नाम पर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं. इसके लिए ये दूसरे लोगों की सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने बताया कि जिस आरोपी की मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस उसका पीछा कर रही थी. उसकी सिम भी इसी कमरे में मिली है. हालांकि, वह आरोपी वहां नहीं था. पूछताछ में सामने आया कि उस आरोपी की सिम का इस्तेमाल भी ठगी में इस्तेमाल हो रहा था.

