जुलूस का रूट बदलने से लेकर मारपीट और महिलाओं से अभद्रता तक, रिफॉर्म मंच के आंदोलन पर तीन एफआईआर
जेपीएससी-जेएसएससी विवाद में रिफॉर्म मंच पर तीन एफआईआर दर्ज किए गए हैं. रांची से प्रशांत कुमार की रिपोर्ट.

Published : August 23, 2026 at 11:43 PM IST
रांची: राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के आंदोलन के दौरान हुए विवाद को लेकर कोतवाली थाना में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. एफआईआर में सरकारी आदेश की अवहेलना, निर्धारित रूट से जुलूस हटाने, मारपीट, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, सरकारी काम में बाधा डालने, पथराव और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. तीनों मामलों में कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.
21 अगस्त की घटना को लेकर तीन एफआईआर दर्ज
21 अगस्त की घटना को लेकर तीनों एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, 21 अगस्त की शाम जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले निकले जुलूस के दौरान अलग-अलग स्थानों पर विवाद हुआ. पुलिस अब दर्ज मामलों के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है.
पहली एफआईआर में रूट बदलने और मारपीट का आरोप
कोतवाली थाना में दर्ज कांड संख्या 182/2026 में अंचलाधिकारी शहर रांची शिवशंकर पांडेय की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. एफआईआर के अनुसार 21 अगस्त की शाम करीब 200 से 250 लोग बापू वाटिका, मोरहाबादी से जुलूस लेकर निकले थे.
निर्धारित मार्ग छोड़कर जुलूस आगे बढ़ा
आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित मार्ग पर जाने के बजाय गुटका चौक, डीसी आवास, एसएसपी आवास और रेडियम रोड की तरफ जुलूस बढ़ा दिया. पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को निर्धारित रूट पर चलने की समझाइश दी गई, लेकिन इसके बावजूद जुलूस आगे बढ़ता रहा.
जेपीएससी कार्यालय से फिरायालाल चौक तक नारेबाजी और विवाद
इसके बाद जुलूस जेपीएससी कार्यालय के सामने पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की. फिर जुलूस फिरायालाल चौक की ओर बढ़ा. इसी दौरान कुछ लोगों का दूसरे समूह के साथ विवाद हो गया. एफआईआर में आरोप है कि कुछ युवकों के साथ मारपीट की गई और भीड़ ने उनका पीछा करते हुए शारदा बाबू लेन तथा बीएसएनएल कार्यालय के पास भी मारपीट की.
पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की का आरोप
पुलिस ने भीड़ से दो युवकों को निकालकर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा. बीच-बचाव के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप लगाया गया है.
पहली एफआईआर में नामजद आरोपी और धाराएं
इस मामले में कुणाल कुमार, पीयूष, रविन्द्र पासवान, चंडी तिवारी, सुमित शर्मा, चितरंजन कुमार, विवेक पंडित, सौरभ वीरेंद्र प्रताप पटेल, जयराज, अकेन आनंद, सौरव साहू, आकाश आनंद, विक्की भारती और अमीषा प्रसाद समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है. इसके अलावा करीब 200 से 250 अज्ञात लोगों का भी उल्लेख एफआईआर में है. मामले में बीएनएस की धारा 191(2), 190, 115(2), 117(2) और 76 के तहत केस दर्ज किया गया है.
दूसरी एफआईआर में महिला के कपड़े फाड़ने और हमला करने का आरोप
इसी घटनाक्रम से जुड़ी दूसरी प्राथमिकी कोतवाली थाना कांड संख्या 184/2026 के रूप में दर्ज की गई है. शिकायतकर्ता युवती के अनुसार वह 21 अगस्त की शाम जेल चौक से मेन रोड होते हुए फिरायालाल की ओर जा रही थीं.
चड़री तालाब के पास युवती पर हमला
एफआईआर के मुताबिक, इसी दौरान जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर और झंडे लेकर जा रहे जुलूस में शामिल कुछ लोगों का दूसरे समूह से विवाद हो गया. आरोप है कि चड़री तालाब के पास कुछ लोगों ने युवती को दूसरे समूह का सदस्य समझ लिया और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया.
कपड़े फाड़ने और अभद्र व्यवहार का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान युवती के कपड़े फाड़े गए और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. शोर मचाने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बचाया. युवती ने हमले में हाथ सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगने की बात भी शिकायत में कही है.
दूसरी एफआईआर में नामजद आरोपी और धाराएं
इस मामले में कुणाल कुमार, पीयूष, रविन्द्र पासवान, चंडी तिवारी, चितरंजन कुमार, सौरभ वीरेंद्र प्रताप पटेल और सुमित शर्मा को नामजद आरोपी बनाया गया है. प्राथमिकी में बीएनएस की धारा 191(2), 190, 126(2), 127(2), 115(2), 132, 74, 223 और 352 लगाई गई हैं. मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर अश्वजीत कुमार उरांव को सौंपी गई है.
तीसरी एफआईआर में युवक से मारपीट और कपड़े फाड़ने का आरोप
तीसरी प्राथमिकी भी कोतवाली थाना में दर्ज की गई है. कांड संख्या 0183/2026 में शिकायतकर्ता शाहबाज आलम ने पुलिस को बताया है कि 21 अगस्त की शाम करीब सात बजे वह अपने दोस्त कैफ के साथ एमजी शो-रूम के पास मौजूद था.
नारेबाजी पूछने पर विवाद शुरू
शिकायत के अनुसार, इसी दौरान जेपीएससी-जेएसएससी से संबंधित बैनर और पुतला लेकर लोगों का जुलूस वहां से गुजर रहा था. प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे. शाहबाज आलम के मुताबिक, उसने प्रदर्शनकारियों से नारे लगाने का कारण पूछा, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया.
भीड़ द्वारा मारपीट और कपड़े फाड़ने का आरोप
एफआईआर में आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद भीड़ में शामिल लोगों ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी. शिकायतकर्ता और उसके दोस्त ने खुद को किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ा नहीं होने की बात कही, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद उनके साथ मारपीट की गई. शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि भीड़ ने शाहबाज आलम को घेर लिया और कुछ लोगों ने उसे पकड़ने तथा मारने के लिए उकसाया. इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए. घायल होने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे सदर अस्पताल ले जाया गया.
तीसरी एफआईआर में नामजद आरोपी और धाराएं
इस मामले में कुणाल कुमार, पियूष, रविंद्र पासवान, चंडी तिवारी, सुमित शर्मा, चितरंजन कुमार, विवेक पंडित, सौरभ वीरेंद्र प्रताप पटेल, जयराज, अकेन आनंद, अमीशा प्रसाद और एक अन्य महिला समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है. एफआईआर में करीब 200 से 250 अज्ञात लोगों के भी शामिल होने का आरोप लगाया गया है. मामले में बीएनएस की धारा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 117(2), 109 और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. जांच की जिम्मेदारी एसआई विजय कुमार उरांव को दी गई है.
तीनों एफआईआर में एक जैसा पैटर्न सामने आया
तीनों प्राथमिकी को देखने पर आंदोलन के दौरान भीड़, जुलूस के मार्ग और अलग-अलग समूहों के बीच विवाद को लेकर कई समान आरोप सामने आए हैं. एक मामले में प्रशासन ने निर्धारित रूट से जुलूस हटने का आरोप लगाया है, जबकि अन्य दोनों मामलों में जुलूस के दौरान दूसरे लोगों के साथ विवाद और मारपीट की शिकायत की गई है. फिलहाल तीनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
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