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बिहार में बागमती और महानंदा नदी पर बनेंगे 3 बराज, 8 जिलों के लाखों आबादी को होगा लाभ

बिहार में तीन नए बराज का निर्माण होना है. इससे आठ जिलों के लाखों आबादी को लाभ होगा. पढ़ें..

Construction of barrages in Bihar
बिहार में बागमती और महानंदा पर बनेगा बराज (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 5, 2026 at 7:10 AM IST

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पटना: बिहार में बागमती और महानंदा नदी पर तीन नए बराज के निर्माण के लिए सर्वेक्षण का काम शुरू हो गया है. इन बराज के बनने से आठ जिले के लाखों आबादी को लाभ होगा. बाढ़ से बचाव तो होगा ही, साथ ही सिंचाई की सुविधा भी मिलेगी.

जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के अनुसार बिहार से बहने वाली नदियों का पानी तबाही मचाते हुए बंगाल खाड़ी में चला जाता है. सरकार की योजना बाढ़ के समय नदियों के पानी को संचयन करने और उसका इस्तेमाल सिंचाई के साथ इन कार्यों में करने की है और उसके लिए तैयारी हो रही है.

बागमती पर दो और महानंदा पर एक बराज: जल संसाधन विभाग से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार बागमती नदी पर दो और महानंदा नदी पर एक बराज का निर्माण होगा. बिहार सरकार ने 2025 में ही फैसला ले लिया था. उसके बाद केंद्रीय टीम और विशेषज्ञों का दल महानंदा नदी में बनने वाले बराज के लिए स्थल का निरीक्षण भी कर चुकी है और जल्द ही बागमती नदी का भी निरीक्षण करेंगे.

Construction of barrages in Bihar
महानंदा नदी (ETV Bharat)

किन इलाकों को मिलेगा लाभ?: बरसात के महीने में बागमती और महानंदा नदी काफी तबाही मचाती है. शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे इलाकों में बराज बनने से काफी फायदा होगा. सिंचाई की सुविधा बड़े हिस्से के किसानों को मिलेगी. महानंदा नदी पर किशनगंज के तैयबपुर में बराज बनेगा और इसके कारण सीमांचल के बड़े हिस्से में बाढ़ से मुक्ति मिलेगी. वहीं बागमती नदी पर सीतामढ़ी के ढेंग और कटौझा में बराज का निर्माण किया जाएगा. उत्तर बिहार के बड़े हिस्से को इससे लाभ मिलेगा.

केंद्र ने बजट में 11500 करोड़ राशि दी: पिछले साल केंद्र सरकार ने बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई परियोजनाओं के लिए 11500 करोड़ राशि की व्यवस्था की है. इस राशि से दोनों नदियों पर बराज का निर्माण होगा. बिहार में अभी तीन बराज बने हुए हैं. गंडक नदी पर बाल्मीकि नगर में, कोसी नदी पर बीरपुर में और सोन नदी पर इंद्रपुरी में बराज बना हुआ है.

Construction of barrages in Bihar
बागमती नदी (ETV Bharat)

वहीं, तीन नए बराज बन जाने के बाद बराज की संख्या बढ़कर 6 हो जाएगी. उत्तर बिहार के बड़े हिस्से के लोगों को बरसात के समय बाढ़ से बचाव हो सकेगा और जो पानी बराज में जमा किया जाएगा. उसका उपयोग कई कार्यो में होगा. जल संसाधन विभाग के अनुसार सर्वेक्षण के काम पूरा होने के बाद 2 महीने में डीपीआर का निर्माण होगा और उस पर काम शुरू हो जाएगा.

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