पटना के बाद बिहार के दो और सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जिला जज और पुलिस को आया ईमेल
बिहार के पूर्णिया और बक्सर व्यवहार न्यायालयों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली. दोनों जगहों कोर्ट परिसर खाली कराया गया. पढ़ें

Published : February 13, 2026 at 1:36 PM IST
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया और बक्सर व्यवहार न्यायालय को आज बम से उड़ाने की धमकी मिली है. पूर्णिया में पुलिस के ईमेल आईडी पर अज्ञात व्यक्ति के द्वारा मेल किया गया कि आज व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ा दिया जाएगा. इसके बाद व्यवहार न्यायालय के साथ-साथ आसपास के इलाके और स्कूलों को प्रशासन ने खाली करा दिया. व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा बढ़ाई गई साथ ही बम निरोधक दस्ता न्यायालय पहुंच कर जांच में जुट गई है.
बढ़ाई गई न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था: वहीं सदर डीएसपी ज्योति शंकर ने बताया कि पुलिस की ईमेल आईडी पर मेल आया कि न्यायालय को बम से उड़ा दिया जाएगा. जिसको लेकर पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंकर आसपास के इलाकों के साथ स्कूल को भी बंद करवाया गया. वहीं न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए पास से गुजरने वाली सड़क पर लोगों का आवागमन बंद करवाया गया है.
"पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि मेल किसके द्वारा कहां से किया गया है. फिलहाल मेल मिलने के बाद आसपास के स्थान को खाली करा दिया गया है."-ज्योति शंकर, सदर डीएसपी, पूर्णिया
स्कूल किया गया बंद: जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आई, आसपास के इलाके को खाली करवाते हुए स्कूल को भी बंद करवाया गया. वहीं कचहरी आने जाने वाले लोगों पर रोक लगाई गई. बच्चों को लेने स्कूल पहुंचे गार्जियन ने बताया कि स्कूल प्रशासन के द्वारा मैसेज किया गया कि अपने-अपने बच्चों जल्द से जल्द स्कूल पहुंचकर लेकर जाएं.
"समझ में नहीं आया कि कुछ देर पहले ही अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर आए थे और अचानक इस तरह का मैसेज आना आखिर क्या वजह है. स्कूल प्रशासन ने इस बात की पुष्टि नहीं की किस वजह से स्कूल को बंद किया गया है."-गार्जियन

बक्सर में जिला जज को आया मेल: बक्सर जिले के व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से आज अफरा-तफरी मच गई. जानकारी के अनुसार, जिला जज के सरकारी ई-मेल आईडी पर दिन के करीब 11:15 बजे न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई.
प्रशासनिक महकमे में हड़कम्प: मेल मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया गया. धमकी की सूचना पर सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय और नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ कोर्ट परिसर पहुंचे. सुरक्षात्मक दृष्टि से माइक के जरिए सभी अधिवक्ताओं, कोर्ट कर्मियों और आगंतुकों से परिसर खाली करने का अनुरोध किया गया. पूरे न्यायालय परिसर को खाली कराते हुए ‘नो वर्क’ घोषित कर दिया गया.
मामले की जांच में जुटी पुलिस: पुलिस तकनीकी टीमों के सहयोग से कोर्ट परिसर की सघन जांच शुरू कर दी है. प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, वहीं आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. प्रशासन का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है. उधर अधिवक्ता संघ के महासचिव विन्देश्वरी पांडेय ने सहयोग करने की अपील है.
"अधिवक्ताओं और कोर्ट कर्मियों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने की अपील है. सुरक्षा सर्वोपरि है और जांच पूरी होने तक संयम बरतना चाहिए."-विन्देश्वरी पांडेय, महासचिव, अधिवक्ता संघ
क्या कहती है पुलिस?: पुलिस के अनुसार धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है. मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और प्रेषक की पहचान के लिए साइबर टीम को लगाया गया है. शुरुआती स्तर पर इसे शरारती तत्वों की करतूत भी माना जा रहा है, हालांकि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है.
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