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पंचायत चुनाव में प्रधानी की रेस से बाहर हो जाएंगे ये लोग, नहीं लड़ पाएंगे इलेक्शन

चुनावों को लेकर सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), जिला शिमला ने सभी उपमंडल अधिकारियों और रिटर्निंग ऑफिसर-सह-ब्लॉक विकास अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं.

पंचायत चुनाव
पंचायत चुनाव (FILE PHOTO)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 2, 2026 at 8:18 PM IST

3 Min Read
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रामपुर बुशहर: शिमला जिले में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर अतिक्रमण से संबंधित अयोग्यता के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं. सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), जिला शिमला ने सभी उपमंडल अधिकारियों और रिटर्निंग ऑफिसर-सह-ब्लॉक विकास अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं.

जारी पत्र में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव के 8 दिसंबर 2025 के पत्र का हवाला देते हुए बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 122(1)(सी) के तहत सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माने जाएंगे. पत्र में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय न्यायालय के गुरदेव बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में 20 मई 2025 को दिए गए निर्णय का भी उल्लेख किया गया है. न्यायालय के निर्णय के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अतिक्रमण की गई सरकारी भूमि के नियमितीकरण के लिए आवेदन करता है, तो वह भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा.

जारी की गई नोटिफिकेशन
जारी की गई नोटिफिकेशन (ETV Bharat)

निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के दौरान सभी रिटर्निंग ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर को अनिवार्य रूप से अवगत करवाया जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप संपन्न हो सके. सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), जिला शिमला ने सभी संबंधित अधिकारियों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.

पंचायत चुनाव को लेकर सुनवाई

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव मामले में आज हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष की ओर से देवेंद्र नेगी बनाम स्टेट मामले में न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा के फैसले हवाला दिया गया था. इस पर न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले को न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की अदालत के सामने रखने के निर्देश दिए हैं. अब मामले में 6 जनवरी को न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई होगी.

याचिकाकर्ता का आरोप पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से याचिका दायर की गई है. याचिका में आरोप है कि हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी की जा रही है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि 31 जनवरी को पंचायत का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है. लेकिन अभी तक पंचायत चुनाव से संबंधित कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है.

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