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वित्त मंत्री ने पेश किया 6450 करोड़ का तृतीय अनुपूरक बजट, ग्रामीण सड़कों से सामाजिक सुरक्षा तक फोकस

झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोन ने 6 हजार 450 करोड़ रुपए का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया.

SUPPLEMENTARY BUDGET IN ASSEMBLY
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (सौ. JVSTV)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 20, 2026 at 3:37 PM IST

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 6 हजार 450 करोड़ रुपए का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया. सदन में यह बजट राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रस्तुत किया. इस अनुपूरक बजट में सरकार ने ग्रामीण आधारभूत संरचना, सामाजिक कल्याण, ऊर्जा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक जरूरतों को प्राथमिकता दी है.

ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलिया के कार्य को मिलेगी गति


सबसे बड़ा प्रावधान ग्रामीण कार्य विभाग के लिए किया गया है. विभाग को 1717.58 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. जिससे ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों और अन्य बुनियादी ढांचागत कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए 779 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं को मजबूती देगा. वहीं पंचायती राज विभाग को 657.56 करोड़ और ग्रामीण विकास विभाग को 594.88 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.

अनुपूरक बजट पेश करते वित्त मंत्री (सौ. JVSTV)

दूसरे प्रमुख विभागों के लिए अनुदान की मांग

ऊर्जा विभाग के लिए 281.28 करोड़ रुपए रखे गए हैं, जबकि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 323.94 करोड़ रुपए की मांग की गई है. गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग (गृह प्रभाग) के लिए 407.21 करोड़ रुपये का प्रावधान है. इसके अलावा खनन एवं भूतत्व विभाग को 300.21 करोड़, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को 177.97 करोड़, जल संसाधन विभाग को 159.73 करोड़ और अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग (कल्याण प्रभाग) को 105.35 करोड़ रुपये दिए जाने का प्रस्ताव है.

ब्याज भुगतान मद में 153 करोड़ की जरूरत

अन्य मदों में भी सरकार ने अतिरिक्त धन की मांग रखी है. ब्याज भुगतान के लिए 153.61 करोड़, ऋण की वापसी/अदायगी के लिए 92.21 करोड़ और पेंशन मद में 232.36 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई है. गौरतलब है कि इससे पहले प्रथम और द्वितीय अनुपूरक बजट के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग के लिए कुल 5948.90 करोड़ रुपए की मांग रखी जा चुकी है.

क्यों लाया जाता है अनुपूरक बजट

अनुपूरक बजट आमतौर पर तब लाया जाता है, जब चालू वित्तीय वर्ष के दौरान मूल बजट में किए गए प्रावधान अपर्याप्त साबित होते हैं या नई योजनाएं, अप्रत्याशित खर्च और विभागीय आवश्यकताएं सामने आती हैं. ऐसे में सरकार अतिरिक्त राशि की विधायी मंजूरी लेने के लिए अनुपूरक बजट पेश करती है. अब सत्र के दौरान अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव और वाद-विवाद होंगे. आवश्यकता पड़ने पर मतदान के जरिए सरकार इन मदों के लिए राशि की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी. वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि वे 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश करेंगे.

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