झारखंड में SIR की प्रक्रिया बहुत जल्द, शुरू होने से पहले तैयार रखें ये दस्तावेज!
झारखंड में बहुत जल्द एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने वाली है. इसको लेकर कई दस्तावेज हैं, जो मान्य हैं.

Published : January 7, 2026 at 3:41 PM IST
रांची: भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड सहित देश के अन्य राज्यों में होने वाले एसआईआर को लेकर 8 जनवरी को दिल्ली में राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है. इस बैठक में एसआईआर को लेकर की गई तैयारियों की समीक्षा की जाएगी. अगले फेज के लिए होने वाले एसआईआर में झारखंड भी शामिल हो सकता है.
कौन-कौन से दस्तावेज हैं मान्य!
ऐसे में सवाल है कि झारखंड में होने वाले एसआईआर में आखिर मतदाताओं को कौन-कौन से दास्तावेज दिखाने होंगे. इसके लिए भारत चुनाव आयोग ने कई दस्तावेजों को मान्यता दी है. मान्य दस्तावेजों में से अगर कोई भी एक दस्तावेज आपके पास हैं तो उसे सुरक्षित रख लें. जांच के दौरान आपके घर पर बीएलओ आपसे उन्हीं दस्तावेजों की मांग करेंगे.
2003 में जो भी झारखंड से बाहर के मतदाता सूची शामिल थे. वे सभी सूची चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मौजूद है. इसके साथ ही सीओ ऑफिस में भी मौजूद हैं. वैसे मतदाता एसआईआर के दौरान बीएलओ के समक्ष फिजिकली भी मैपिंग कर सकते हैं, जो भारत के किसी भी राज्य के मतदाता रहे हैं. उन सभी का इलेक्टोरल रोल वेबसाइट पर उपलब्ध है. वहां से डाउनलोड करके अटैच कर लेंगे, इसमें कोई दिक्कत नहीं है: के रवि कुमार, मुख्य चुनाव पदाधिकारी
एसआईआर के लिए जरूरी हैं इनमें से कोई एक दस्तावेज
- केंद्र सरकार/राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश (PPO)
- 01.07.1987 से पहले भारत में सरकारी/स्थानीय अधिकारियों/बैंकों/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/दस्तावेज
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट
- मान्यता प्राप्त बोर्डों/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- वन अधिकार प्रमाण पत्र
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी यह मौजूद है)
- राज्य/स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
- सरकार द्वारा कोई भी जमीन/मकान आवंटन प्रमाण पत्र
- आधार के लिए, आयोग के निर्देश जो पत्र संख्या 23/2025 ईआरएस/वोलिल दिनांक 09.09.2025 (अनुलग्नक II) द्वारा जारी किए गए हैं, लागू होंगे
- यदि आपका नाम 2003 के वोटर लिस्ट में झारखंड से बाहर के दूसरे राज्य में है तो वहां के वोटर लिस्ट की क्रम संख्या, विधानसभा और जिला को दर्शाता फोटो कॉपी
- पैरेंटल मैंपिंग से बाहर के वोटर के बच्चे जो नए वोटर बनने वाले हैं, उन्हें शपथ पत्र के साथ पैरेंटल मैपिंग के लिए दस्तावेज देना होगा.
जिनका भी नाम 2025 इलेक्टोरल रोल में नहीं है, उनका इनोमेरेशन फॉर्म नहीं आएगी. वे सभी लोग (या जो नए वोटर्स होंगे) दावा या आपत्ति के समय फॉर्म-6 भर सकते हैं. उसी के अनुसार अपने पैरेंट्स के साथ लिंग करते हुए मैपिंग हो जाएगी. जिनका भी नाम इनोमेरेशन फॉर्म में नाम नहीं रहेगा, उसको आपत्ति या दावा के समय फॉर्म-6 के साथ दस्तावेज और शपथ पत्र देना होगा. उसी के अनुसार मैपिंग होगी: के रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
नए वोटर के लिए ये दस्तावेज जरूरी
इनके अलावा अगर कोई पहली बार अपना नाम मतदाता सूची में जोड़ना चाहते हैं तो उन्हें अपना और अपने माता या पिता का दस्तावेज देना होगा. इसके साथ ही एक शपथ पत्र भी जमा कराना होगा. इसी तरह अगर कोई झारखंड से बाहर से हैं और पहली बार झारखंड के वोटर बनना चाहते हैं तो उन्हें भी अपना और अपने माता या पिता का दस्तावेज देना होगा. साथ ही उसे भी शपथ पत्र जमा करना होगा. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि 2003 के रोल में जिनका भी नाम नहीं है. वे लोग 2003 में हुए एसआईआर में शामिल अपने माता-पिता या दादा-दादी का रोल अटैच कर सकते हैं.
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