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जिंक के आबादी क्षेत्र में कचरा डालने के विरोध में बड़ीसादड़ी बंद, मंत्री दक बोले-छह दिन में हटा देंगे अपशिष्ट

लोग बोले-100 डंपर लगा दें तो भी 6 महीने में नहीं हटेगा कचरा. जारी रखेंगे धरना.

Minister Dak addressing the protesters in Badrisaddi
बड़ीसादड़ी में धरनार्थियों को संबोधित करते मंत्री दक (ETV Bharat Chittorgarh)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 30, 2026 at 5:35 PM IST

3 Min Read
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चित्तौड़गढ़: हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) के अपशिष्ट के खिलाफ जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति के आह्वान पर शनिवार दोपहर तक संपूर्ण बड़ीसादड़ी कस्बा बंद रहा. अपशिष्ट नगर पालिका क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में डाल दिया गया था. इसे स्थानीय लोग पर्यावरण के लिए हानिकारक बता रहे हैं. लोगों में इसे लेकर विरोध तेज हो गया और बड़ीसादड़ी में धरना दिया जा रहा है. इस दौरान सहकारिता मंत्री गौतम दक भी पहुंचे, जिन्होंने छह दिन में अपशिष्ट हटाने का आश्वासन दिया. मंत्री दक के आश्वासन के बाद नागरिकों ने बंद वापस ले लिया, लेकिन धरना जारी रखने का फैसला लिया.

बड़ीसादड़ी में संघर्ष समिति के धरने पर पहुंचे सहकारिता मंत्री गौतम दक ने कहा, अपशिष्ट डालने की जानकारी मिलने पर वे अगले दिन ही जयपुर से विशेष तौर पर बड़ीसादड़ी आए थे. मौके पर जाकर प्रशासन को जल्द निस्तारण के निर्देश दिए थे. उसी दिन काम भी थोड़ा शुरू हुआ. कंपनी से बात हुई थी. उन्होंने 10 दिन में अपशिष्ट हटाने को कहा था. मंत्री बोले, अपशिष्ट डालने वालों को किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी. 'कोई मेरा नजदीकी है या मिलने वाला है, यह नहीं देखा जाएगा. कठोर कानूनी कार्रवाई होगी'. यह लोगों के जीवन से खिलवाड़ है, इसे ठीक नहीं माना जा सकता. चाहे 50 या 100 डंपर लगाने पड़े, 6 दिन में काम होगा. सातवें दिन बड़ीसादड़ी की जनता जो कहेगी, मैं वही करूंगा. धरने के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे. बड़ीसादड़ी सीआई भवानी शंकर मेनारिया समेत पुलिस जाप्ता तैनात रहा.

धरनार्थियों को संबोधित करते मंत्री दक (ETV Bharat Chittorgarh)

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6 महीने में भी नहीं हटेगा अपशिष्ट: दूसरी ओर धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि अपशिष्ट की मात्रा इतनी अधिक है कि 100 डंपर लगा देने पर भी 6 महीने में नहीं हटेगा. संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि जब तक आखिरी डंपर अपशिष्ट नहीं उठ जाता, धरना जारी रहेगा. 6 दिन बाद बड़ीसादड़ी में महाधरना शुरू करने की चेतावनी दी.

थाने में दर्ज हुआ मामला: इधर, बड़ीसादड़ी और इसके आसपास अपशिष्ट डालने का मामला पुलिस थाने पहुंच चुका है. कुछ दिन पूर्व ही जिंक का अपशिष्ट मिट्टी के रूप में बड़ीसादड़ी नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में डाल दिया गया था. जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू किया. इस संबंध में बड़ीसादड़ी थाने में आधा दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया.

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