BSc MLT संवर्ग के धरने को पूरे हुए 100 दिन, कहा 26 साल से झेल रहे उपेक्षा, जानें क्या हैं इनकी 4 मांगें
लैब टेक्नीशियनों की प्रमुख मांगों में आईपीएचएस के मानकों के अनुरूप पदों का सृजन, वर्षवार मेरिट के आधार पर भर्ती करना शामिल हैं

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 25, 2026 at 4:54 PM IST
देहरादून: बीएससी एमएलटी (Bachelor of Science in Medical Laboratory Technology) संवर्ग की चार सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा एकता बिहार में धरना अब 100 दिन पूरे कर चुका है. 100 दिन के धरने के बाद आंदोलनरत लैब टेक्नीशियनों ने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की उम्मीद जताई है.
बीएससी एमएलटी संवर्ग के कर्मचारियों के धरने को 100 दिन पूरे हुए: आंदोलनकारियों के अनुसार, धरने के दौरान सचिवालय कूच और मुख्यमंत्री आवास का दो बार घेराव किया गया. लगातार आंदोलन और प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कराई गई. 11 अगस्त को हुई इस बैठक में आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने बीएससी एमएलटी संवर्ग की समस्याएं रखीं.
लैब टेक्नीशियनों ने कहा हम 26 साल से उपेक्षित हैं: आंदोलनकारियों का कहना है कि बीते 26 वर्षों से बीएससी एमएलटी संवर्ग, सेवा नियमावली जैसी मूलभूत व्यवस्था से वंचित है. मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित वित्त सचिव, कार्मिक सचिव और प्रमुख सचिव समेत अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि इसके बाद शासन की ओर से 31 तारीख को बैठक आयोजित किए जाने का पत्र भी प्राप्त हुआ है, जिसमें आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया है.iphs

ये हैं लैब टेक्नीशियनों की चार मांगें: आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि बैठक में उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा. आंदोलनकारियों की प्रमुख चार मांगों में-
- आईपीएचएस (Indian Public Health Standards) के मानकों के अनुरूप पदों का सृजन
- वर्षवार मेरिट के आधार पर भर्ती
- लंबे समय से सेवा से वंचित लैब टेक्नीशियनों के लिए आयु सीमा में छूट
- सरकारी लैबों के निजीकरण को समाप्त कर नियमित सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति करना शामिल है
आंदोलनकारियों का दावा है कि सरकार की ओर से सरकारी लैबों के निजीकरण को समाप्त करने और निजी कंपनियों की जगह सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति किए जाने के संकेत मिल रहे हैं. संघ के महासचिव ने कहा कि-
यदि सरकार हमारी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो यह लंबे समय से संघर्ष कर रहे लैब टेक्नीशियनों के लिए बड़ी राहत होगी. अन्यथा हमें उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
-मयंक राणा, महासचिव, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संघ-
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