यूपी की पहली खेल यूनिवर्सिटी इस साल कब बनकर होगी तैयार, खिलाड़ियों का क्या फायदा होगा? जानिए
पीएम मोदी ने 2022 में खेल विश्वविद्यालय का किया था शिलान्यास, हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रहा है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 12:02 PM IST
|Updated : January 3, 2026 at 8:42 AM IST
मेरठ: प्रदेश की पहली खेल यूनिवर्सिटी मेजर ध्यानचंद को पश्चिमी यूपी के मेरठ जिले में बनाया जा रहा है, हालांकि निर्धारित समय पूरे हुए 6 महीने हो चुके हैं, खेल विश्वविद्यालय में दाखिला भी हुआ, छात्रों की पढ़ाई भी चल रही है लेकिन सब कुछ अलग अलग जगह पर. ऐसे में आईए जानते हैं कब तक हॉकी के महान खिलाड़ी के नाम पर बन रही मेजर ध्यानचंद यूनिवर्सिटी का काम पूरा होगा.
2022 में पीएम के हाथो हुआ शिलान्यास: मेरठ के सलावा में गंगनहर के किनारे पीएम मोदी ने जनवरी 2022 में प्रदेश की पहली खेल युनिवर्सिटी का शिलान्यास किया था. हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर बनाई जा रही इस खेल युनिवर्सिटी की नींव रखे हुए तीन साल से अधिक का समय हो चुका है. इस दौरान, इस परियोजना में तेजी से काम चल रहा है और वर्तमान में ये लगभग 77-78 फीसदी पूरा हो चुका है. हालांकि 2025 में खेल विश्वविद्यालय की तरफ से एक कोर्से भी यहां शुरु कर दिया गया था.

मार्च 2026 तक पूरा होनी की उम्मीद: इस बारे में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि उम्मीद है कि मार्च 2026 तक यह विश्वविद्यालय पूरी तरह से तैयार हो जाएगा. फिलहाल, विश्वविद्यालय का टेंपरेरी ऑफिस मोदीपुरम स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं तकनीकी प्रौद्योगिकी संस्थान में है. जहां बैचलर ऑफ एजुकेशन (BPES) की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. खेल के अभ्यास के लिए मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
कितने एकड़ में बनेगी खेल यूनिवर्सिटीः मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण 91.38 एकड़ भूमि पर किया जाना है. लगभग 700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इसे तैयार किया जा रहा है. अभी तक 97 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खेल युनिवर्सिटी के लिए मिल चुकी है.
वीसी ने बताया, एकेडमिक काउंसिल की बैठक 10 जनवरी को होने वाली है. जिसमें ये तय किया जाएगा कि आगामी सत्र् 2026-2027 में कौन-कौन से नए कोर्स शुरू किए जाएंगे. वर्तमान में यहां पढ़ रहे छात्र नेशनल और स्टेट लेवल पर खेलते हुए पदक जीत चुके हैं. कुलपति का मानना है कि आने वाले साल में और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और यहां से पदक जीतने वाले खिलाड़ी भी तैयार होंगे.

ये मिलेंगी सुविधाएं: कुलपति का दावा है कि निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और क्षेत्र भी तेजी से विकास कर रहा है. इससे न सिर्फ युवा करियर संवार पाएंगे बल्कि देश में मेडल की संख्या भी बढ़ेगी. साथ ही, वाटर स्पोर्ट्स जैसे राफ्टिंग, भारोत्तोलन, कुश्ती, हॉकी, जैवलिन थ्रो, वॉलीबॉल, नौकायन और पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा देने की योजना है, ताकि विभिन्न खेलों में ट्रेनिंग पॉसिबल हो सके.
खेल यूनिवर्सिटी में छात्रावास भी बनेंगेः क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी बताते हैं कि खेल यूनिवर्सिटी में छात्रावास भी बनेंगे. प्रदेश की पहली खेल यूनिवर्सिटी जहां प्रशासनिक ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, ऑडिटोरियम, सेंट्रल लाइब्रेरी, अतिथि गृह, कुलपति आवास, पुरुष छात्रावास, महिला छात्रावास, अधिकारियों व कर्मचारियों के अलग-अलग टाइप 2, 3, 4 व 5 आवास भी बनेंगे.
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