पूर्व सरपंच के भाई की संदिग्ध हालात में मौत: 12 घंटे बाद बनी सहमति, मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम, मर्डर का केस दर्ज
परिजनों का आरोप कि किसी ने साजिशन देवकरण को नशे का ओवरडोज दिया है.

Published : July 6, 2026 at 5:35 PM IST
अजमेर: नागौर जिले के पीह गांव के पूर्व सरपंच के भाई देवकरण जाजड़ा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में परिजन और पुलिस के बीच सहमति बन गई. 12 घंटे धरने के बाद ग्रामीण और परिजनों ने देवकरण के शव का पोस्टमार्टम कराने की स्वीकृति दे दी. पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया. मृतक का उसके गांव पीह में अंतिम संस्कार होगा.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. मांगीलाल कायल ने बताया कि देवकरण का चौरसियावास रोड से आगे ऑफिस था. प्रारंभिक पड़ताल में पाया कि वह ड्राइवर नाथू के साथ कार से निकला. ड्राइवर नाथू देवनगर के पास गाड़ी छोड़कर नशे में कहीं चला गया. उसे एक रिश्तेदार ने पहचान लिया. नाथू के रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि नाथू घबराया हुआ था और बार-बार कह रहा था कि पुलिस पीछे पड़ी है. कायल ने बताया, यहां से कार लेकर नशे की हालत में छातड़ी गांव के समीप नदी पर पहुंचा, जहां कार कीचड़ में फंस गई. ग्रामीणों ने गेगल थाना पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति बेहोश पड़ा है. पुलिस उसे जेएलएन अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने देवकरण को मृत बता दिया.
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हत्या का मुकदमा दर्ज: एएसपी कायल ने बताया कि देवकरण की मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सामने आएगी. मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया है. परिजनों का आरोप कि किसी ने साजिशन देवकरण को नशे का ओवरडोज दिया है. परिजनों की शिकायत पर गेगल थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. परिजनों ने निष्पक्ष अनुसंधान की मांग को लेकर धरना दिया.
यह था मामला: पीह के पूर्व सरपंच अमरचंद जाजड़ा के बड़े भाई देवकरण की रविवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी. जाजड़ा अपनी कार से छातड़ी गांव पहुंचा, जहां उसकी कार कीचड़ में फंस गई. कार छोड़ देवकरण भागकर समीप ही एक मकान में घुस गया. देवकरण ने वहां खड़ी बाइक स्टार्ट कर भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने बाइक छुड़ा ली. देवकरण यहां से पास के अन्य मकान में दौड़कर पहुंचा और पानी मांगा. देवकरण अजीब हरकतें करने लगा. कभी भारी पत्थर सिर पर उठाया तो कभी पत्थर के पीछे छुपने की कोशिश करता. कभी झाड़ के पीछे लौटा. इस दौरान बेहोश हो गया. ग्रामीणों ने गेगल पुलिस को सूचना दी. ग्रामीणों ने अजीब हरकत करते हुए देवकरण के वीडियो भी बनाए. गूगल पुलिस पहुंची तो बेहोश मिला, जहां से जेएलएन अस्पताल ले गई. चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने परिजनों को सूचना दी तो देर रात परिजन और ग्रामीण मोर्चरी के बाहर जुटने लगे. हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की. 12 घंटे बाद पुलिस और परिजनों के बीच सहमति बनी और शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम हो पाया.
मोबाइल और कार की चाबी नहीं मिली: अमरचंद जाजड़ा के करीबी मित्र रामेश्वर छाबा ने बताया कि देवकरण की संदिग्ध हालात में मौत साजिश के तहत की गई हत्या है. परिजनों ने पुलिस को शिकायत में संदिग्ध लोगों के नाम लिखवाए हैं. देवकरण को किसी ने नशीला पदार्थ सेवन करवाया. इस बारे में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि देवकरण के मोबाइल फोन, कार की चाबी की बरामदगी नहीं हुई है. छाबा ने बताया, देवकरण जमीनों का काम करते थे. पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है.

