अयोध्या पहुंची रजत शिला का हुआ पूजन, राम मंदिर परिसर में हुतात्मा स्मारक विजय स्तंभ स्थापित
शिला का पूजन के लिए सरयू नदी में स्नान कराया गया और फिर हनुमान गढ़ी मंदिर में बजरंगली का आशीर्वाद लिया गया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 29, 2026 at 11:03 PM IST
अयोध्या : श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर तैयार की गई रजत शिला शनिवार को अयोध्या पहुंची. श्रावणी पर्व के अवसर पर हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज के आह्वान पर मथुरा से लाई गई इस चांदी की शिला का प्रसिद्ध मणिराम छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्स्ट व श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास व श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विधिवत पूजन किया गया. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ‘जय श्रीराम’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से परिसर गूंज उठा. शिला का पूजन के लिए सरयू नदी में स्नान कराया गया और फिर हनुमान गढ़ी मंदिर में बजरंगली का आशीर्वाद लिया गया.
मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी नयन कमल दास महाराज और सेवायत जानकी दास सहित बड़ी संख्या में संतों एवं श्रद्धालुओं ने रजत शिला का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया. धार्मिक अनुष्ठान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिला का पूजन किया गया. आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया. दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा, रजत शिला को श्रीराम जन्मभूमि की पावन भूमि की रज से संकल्पित किया गया है.
उन्होंने कहा, शिला को देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ले जाकर पूजन कराया जाएगा. ब्रजभूमि के साथ देशभर के प्रमुख मंदिरों और एक लाख से अधिक पवित्र गांवों में भी इसके पूजन की योजना है. इस अभियान की जिम्मेदारी ब्रज धामाचार्य परिषद के महामंत्री पं. राजेश पाठक को सौंपी गई है. अभियान के तहत रजत शिला को विभिन्न धार्मिक स्थलों तक ले जाकर संतों, महंतों और श्रद्धालुओं से उसका पूजन कराया जाएगा.
महंत नृत्य गोपाल दास के सलाहकार शरद शर्मा ने बताया कि श्री कृष्ण जन्मभूमि से एक शिला अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आश्रम पर समर्पित किया गया. इसके बाद भक्तों के द्वारा लगभग 15 मिनट पूजन के बाद पुनः वापस किया गया. वह मथुरा अपने साथ लेकर गये. बताया कि इस शिला को लेकर यह संकल्प था कि जिस तरह से श्री राम जन्मभूमि भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है. उसी तरह श्री कृष्ण जन्मभूमि पर भव्य दिव्य मंदिर बने इसके लिए जम सभी शक्ति प्रदान करे.
विजय स्तंभ का 2 नवंबर को लोकार्पण की संभावना : राम मंदिर निर्माण के लिए चले संघर्ष में बलिदान देने वाले हुतात्माओं की स्मृति में निर्मित हो रहे विजय स्तंभ का निर्माण कार्य अब पूर्णता की ओर है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा मंदिर परिसर में इस स्मारक का निर्माण कराया जा रहा है. इसका उद्देश्य राम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण के लंबे संघर्ष में बलिदान देने वाले हुतात्माओं की स्मृतियों को स्थायी बनाना है.
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालु हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे. स्मारक के माध्यम से संघर्ष और बलिदान की गाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. 2 नवंबर को हुतात्मा स्मारक स्तंभ का लोकार्पण किया जा सकता है. हालांकि अंतिम तिथि को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की औपचारिक घोषणा का इंतजार है.
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ होने के साथ ही संगठन कारसेवकों के प्रति श्रद्धावान रही. साथ ही मंदिर निर्माण के बाद विजय स्तंभ के रूप में एक स्मारक स्थापित की योजना रही है. 30 अक्टूबर व 2 नवंबर 1990 में लाखों कारसेवक अयोध्या पहुंचे थे. जहां तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने निहत्थे कारसेवकों पर गोली चलवा दी थी, जिसमें हजारों लोग मारे गए. उनके स्मृति में विजय स्तंभ लगाया गया है. महंत सत्येंद्र दास वेदांती ने कहा कि परिसर में इसकी स्थापना शहीद कारसेवकों को सच्ची श्रद्धांजलि है.

