जयपुर में निर्माणाधीन सरकारी बिल्डिंग की छत गिरी, शटरिंग ढहने से 11 मजदूर घायल, 2 की हालत गंभीर
जयपुर में फॉरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की छत गिरी. हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल SMS के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया.

Published : July 6, 2026 at 8:46 PM IST
|Updated : July 7, 2026 at 6:51 AM IST
जयपुर : राजधानी जयपुर में सोमवार को एक निर्माणाधीन सरकारी इमारत में बड़ा हादसा हो गया. जवाहर कला केंद्र के सामने स्थित फॉरेस्ट्री ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (FTI) ऑफिस की निर्माणाधीन बिल्डिंग की छत (शटरिंग) अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के समय भवन में कई मजदूर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे. छत गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हादसे में 11 मजदूर घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी घायलों को तत्काल एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है.
निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा : प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जेएलएन मार्ग स्थित एफटीआई ऑफिस की बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान भवन की छत की शटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई. मलबा गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए. हादसे के बाद आसपास मौजूद वहां मौजूद अन्य कामगारों ने तुरंत राहत ओर बचाव कार्य शुरू किया. गनीमत ये रही की कोई भी मलबे के नीचे नहीं दबा. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया.
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घायलों को तत्काल एसएमएस ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया : हादसे में घायल सभी मजदूरों को सरकारी वाहनों की मदद से ही एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया. एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से ट्रॉमा सेंटर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. अस्पताल प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को बुलाया और सभी घायलों का इलाज शुरू कराया. गंभीर रूप से घायल मजदूरों को विशेष निगरानी में रखा गया है, जबकि अन्य का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है. ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ राजेंद्र मांड्या ने बताया कि सभी घायलों को एडमिट किया गया है. इनमें से दो की हालत गंभीर लग रही है. जिनकी स्पाइनल और हेड इंजरी की जांच कराई जा रही है. बाकी घायलों को भी उपचार दिया गया है. यहां डॉक्टर की टीम लगातार निगरानी बरते हुए हैं.

घायलों की पहचान : हादसे में घायल हुए लोगों में दौसा के निवासी फोरमैन लालचंद, वहीं बिहार से आए मजदूर नीतीश कुमार मंडल, राजीव मंडल, ननकू मंडल, कार्तिक, प्रमोद कुमार, प्रमोद, यूपी निवासी सोनू उजीत शामिल हैं. इनके अलावा दो अन्य घायलों की पहचान जुटाई जा रही है. अस्पताल प्रशासन लगातार सभी घायलों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
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निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल : प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि शटरिंग या निर्माण कार्य में तकनीकी गड़बड़ी के कारण ही हादसा हुआ है. इस हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. वहीं विशेषज्ञों की माने तो किसी भी निर्माणाधीन भवन में सुरक्षा मानकों का पालन और शटरिंग की मजबूती की जांच बेहद जरूरी होती है. यदि इसमें लापरवाही बरती जाती है तो ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है.

जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई : बहरहाल, प्रशासन की ओर से हादसे की विस्तृत जांच कराए जाने की बात की जा रही है. यदि जांच में निर्माण एजेंसी, ठेकेदार या किसी अन्य पक्ष की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्राथमिकता घायलों के बेहतर इलाज और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने की है.


