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हाईकोर्ट ने कहा- आदेश की पालना करो, वरना वीसी हों पेश

एकलपीठ ने 26 नवंबर, 2021 को याचिकाकर्ता को नियमित करने को कहा था.

HIGH COURT EXPRESSED DISPLEASURE,  NON COMPLIANCE COURT ORDERS
राजस्थान हाईकोर्ट. (ETV Bharat jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 10, 2026 at 8:07 PM IST

2 Min Read
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जयपुरः राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय कर्मचारी को बकाया भुगतान नहीं करने पर नाराजगी जताई है. साथ ही अदालत ने कहा है कि आगामी सुनवाई तक अदालती आदेश की पालना की जाए. ऐसा नहीं करने पर अदालत ने विवि के कुलगुरु को व्यक्तिगत या वीसी के जरिए 29 जनवरी को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं. अदालत ने रजिस्ट्रार न्यायिक को कहा है कि वह आदेश की प्रति वीसी कार्यालय में तत्काल भेजें, ताकि आदेश की पालना सुनिश्चित की जा सके. जस्टिस सुदेश बंसल और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह आदेश राजकुमार वर्मा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए.

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने पेश होकर अदालत को बताया कि उसकी ओर से अपनी सेवा के नियमितीकरण और उससे जुडे़ लाभ के लिए याचिका दायर की थी. इसे एकलपीठ ने 26 नवंबर, 2021 को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता को नियमित करने को कहा था. इस आदेश के खिलाफ विवि प्रशासन ने खंडपीठ में अपील दायर की थी. खंडपीठ ने 28 मार्च, 2022 को अपील का निस्तारण करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता की सेवा को उस दिन से नियमित माना जाए, जिस तिथि से उससे कनिष्ठ कर्मचारियों को नियमित किया गया था.

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अवमानना याचिका में कहा गया कि खंडपीठ के आदेश की पालना में विवि ने उसकी सेवा को नियमित कर दिया, लेकिन संपूर्ण वित्तीय लाभ और बकाया राशि का भुगतान नहीं किया. ऐसे में अदालती आदेश की अवमानना करने वाले अधिकारियों को दंडित करते हुए आदेश की पालना कराई जाए. वहीं, विवि की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता के संबंध में वित्तीय स्वीकृति का मामला राज्य सरकार के समक्ष लंबित है. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आगामी सुनवाई तक आदेश की पालना नहीं करने पर विवि के कुलगुरु को वीसी या व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने को कहा है.