राजस्थान में हर साल 1000 युवाओं को जापानी-कोरियन-जर्मन जैसी भाषाओं का प्रशिक्षण, MoU हुआ साइन
राजस्थान में सरकार की ओर से हर साल 1000 छात्रों को पांच प्रमुख विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

Published : May 1, 2026 at 5:20 PM IST
जयपुर: राजस्थान के युवाओं को वैश्विक अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है. राज्य में हर साल 1000 छात्रों को जापानी, कोरियन, जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश जैसी पांच प्रमुख विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस पहल से युवाओं की वैश्विक दक्षता बढ़ने के साथ-साथ ट्रेड, कॉमर्स, इंडस्ट्री, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे. जयपुर में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना की जाएगी.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शुक्रवार को एक दिवसीय जयपुर दौरे पर रहे. इस दौरान बिड़ला ऑडिटोरियम में उनकी उपस्थिति में राजस्थान के शिक्षा और कौशल विकास क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाया गया. अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय (EFLU), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और राजस्थान सरकार के बीच MoU पर हस्ताक्षर किए गए.
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केंद्रीय मंत्री ने की तरीफ: समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राजस्थान की स्किल और नवाचार क्षमता की सराहना की. उन्होंने कहा कि आजकल 55 साल के नेता भी खुद को युवा नेता बताते हैं, जबकि असली ताकत 0 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में है. राजस्थान में लगभग 75 प्रतिशत आबादी इसी आयु वर्ग की है, जिसे सही दिशा और अवसर देने की आवश्यकता है. प्रधान ने ‘जहां न पहुंचे बैलगाड़ी, वहां पहुंचे मारवाड़ी’ कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान के लोग हर परिस्थिति में समाधान निकाल लेते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि यही नवाचार क्षमता राज्य को ‘स्किल स्टेट’ बनाने जा रही है.
हर साल 1 हजार छात्रों को ट्रेनिंग: उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत हर साल 1000 विद्यार्थियों को जापानी, कोरियन, जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश भाषाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. इससे ट्रेड, कॉमर्स, इंडस्ट्री, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी. साथ ही जयपुर, अजमेर और भरतपुर जैसे शहरों में बैक-एंड ऑफिस के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कार्य संचालित करने के अवसर भी बढ़ेंगे.

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ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो एंटरप्रेन्योरशिप: केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने घोषणा की कि महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित किया जाएगा. यहां युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, हाई-एंड कंस्ट्रक्शन और केयरगिवर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण, प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन, सांस्कृतिक समझ और विदेशी भाषा की शिक्षा दी जाएगी. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके को राजस्थान के युवाओं के लिए ऐतिहासिक दिन बताया. उन्होंने कहा कि राजस्थान का युवा मेहनती, योग्य और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने में पूरी तरह सक्षम है. सरकार का लक्ष्य है कि युवा न केवल नौकरी पाने वाले बनें, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें. मुख्यमंत्री ने जापान में नर्सों की बढ़ती मांग का जिक्र करते हुए कहा कि यदि भाषा और स्किल ट्रेनिंग दी जाए तो युवाओं के लिए विदेशों में अच्छे रोजगार के अवसर खुल सकते हैं. उन्होंने विदेशी पर्यटकों की बड़ी संख्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर विदेशी भाषा जानने वाले युवाओं की मांग बढ़ने की बात भी कही. इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े युवाओं से विदेशी भाषा स्किल को लेकर बातचीत भी की.

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ये होंगे फायदे:
- शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी
- हर साल 1000 युवाओं को जापानी, कोरियन, जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश भाषाओं का प्रशिक्षण
- स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना
- अंतरराष्ट्रीय रोजगार और स्टार्टअप अवसरों में वृद्धि
- टूरिज्म और इंडस्ट्री क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
- ग्रामीण स्तर पर करियर डेवलपमेंट ऑफिसर के माध्यम से युवाओं को सही मार्गदर्शन
वहीं, शिक्षाविद् करुण कंदोई ने कहा कि अब 2 लाख पंचायत लेवल पर 5 लाख गांव एक एंटरप्रेन्योर से जुड़ेंगे, जिसे करियर डेवलपमेंट ऑफिसर कहा जा सकता है. ये ऑफिसर करियर डेवलपमेंट, ऐडमिशन और अलग-अलग लैंग्वेज सिलेक्शन को लेकर आसपास के बच्चों को गाइड करेंगे. करियर डेवलपमेंट ऑफिसर हर साल 500 से 1000 बच्चों को गाइड कर पाएंगे, ताकि बच्चा सही डिसीजन ले पाएगा.

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