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रामनगर वन प्रभाग को नगर पालिका ने थमाया नोटिस, भवन कर जमा न करने पर भू-राजस्व की भांति वसूली की चेतावनी

रामनगर नगर पालिका रामनगर संपत्ति कर के भुगतान को लेकर वन प्रभाग को नोटिस थमाया है.

Ramnagar Municipality
रामनगर नगर पालिका (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 1, 2026 at 9:00 AM IST

3 Min Read
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रामनगर: नगर पालिका रामनगर और रामनगर वन प्रभाग के बीच भवन कर (संपत्ति कर) को लेकर एक नया प्रशासनिक मोड़ सामने आया है.नगर पालिका ने रामनगर वन प्रभाग को औपचारिक नोटिस जारी करते हुए वर्ष 1991-92 से लेकर 2025-26 तक का कुल 9 लाख 76 हजार 138 रुपये भवन कर पालिका कोष में जमा कराने को कहा है,साथ ही निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई अमल में लाने की चेतावनी दी गई है.

नगर पालिका की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि पूर्व में भी 26 अप्रैल 2024 को पत्र जारी कर 7 लाख 75 हजार 643 रुपये भवन कर की धनराशि 15 दिनों के भीतर जमा करने के लिए कहा गया था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया. इसके चलते पालिका की राजस्व आय प्रभावित होने की बात कही गई है. नए नोटिस में कर राशि का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया गया है कि वर्ष 1991-92 से 2024-25 तक 7,96,264 रुपये, उस पर 20 प्रतिशत वृद्धि के रूप में 1,59,253 रुपये तथा वर्ष 2025-26 के 20,621 रुपये समेत कुल 9,76,138 रुपये जमा किए जाने हैं.

रामनगर वन प्रभाग को नगर पालिका ने थमाया नोटिस (Video-ETV Bharat)

नगर पालिका क्षेत्र में आने वाले वन विभाग परिसर के आवासीय भवनों पर नगर पालिका अधिनियम के तहत भवन कर लागू होता है. इस विषय पर पहले भी शासन से स्थिति स्पष्ट करने के लिए निर्देश मांगे गए थे, शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के बाद नगर पालिका को वन विभाग के उन आवासीय भवनों से भवन कर वसूलने के लिए अधिकृत बताया गया, जिनमें वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी आवंटित रूप से निवास कर रहे हैं. इसके बाद संबंधित भवनों का पूरा असेसमेंट कर डिमांड नोटिस जारी किया गया, इस वर्ष भी उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नोटिस भेजा गया है और अभी तक वन प्रभाग रामनगर की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है.
आलोक उनियाल, नगर पालिका, अधिसाशी अधिकारी

नगर पालिका लगातार इस मामले में फॉलोअप करेगी ताकि बकाया भवन कर जमा हो सके और उससे प्राप्त होने वाली राशि शहर के विकास कार्यों में उपयोग की जा सके, वहीं उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भुगतान नहीं किया गया तो भू-राजस्व की भांति वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. दूसरी ओर रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने इस मामले पर कहा कि विभागीय स्तर पर जो भी नियम और व्यवस्था लागू हैं, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी, उन्होंने बताया कि किसी भी कर अथवा प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर ही निर्णय लिया जाता है. साथ ही शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर ही आगे कदम उठाए जाएंगे. फिलहाल नगर पालिका के नोटिस के बाद यह मामला स्थानीय प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें अब वन प्रभाग की प्रतिक्रिया तथा आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.

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