IGMC मारपीट मामले में बर्खास्त डॉक्टर राघव की मां ने रोते हुए क्या कहा ?
डॉक्टर राघव नरूला की आईजीएमसी में सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. अब इस मामले में उनकी मां का बयान सामने आया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 26, 2025 at 3:31 PM IST
पांवटा साहिब: आईजीएमसी शिमला में डॉक्टर–मरीज के बीच हुई हाथापाई के मामले ने तूल पकड़ लिया है. सरकार ने संज्ञान लेते हुए डॉक्टर राघव नरूला की सेवाएं समाप्त कर उन्हें बर्खास्त कर दिया है. इसके विरोध में आईजीएमसी शिमला में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन सामूहिक आज पर चला गया था. इसके साथ ही कई जिला अस्पतालों में भी ओपीडी सेवाएं मरीजों को नहीं मिली.
मेरे बेटे को मिल रही धमकियां: डॉक्टर राघव की मां
वहीं, अब इस मामले में डॉक्टर राघव की मां का बयान सामने आया है. डॉक्टर राघव की मां ने भावुक होकर कहा कि, 'कोई भी व्यक्ति अपने मां बाप के बारे में नहीं सुन सकता. मरीज डॉक्टर को हाइपर करने की कोशिश करेंगे तो ऐसे कैसे इलाज होगा. मरीज के परिजनों को अपने बेटे को और डॉक्टर को भी समझाना चाहिए था, चाहे वो अपने बच्चे को भी और मेरे बेटे को भी थप्पड़ क्यों न मारते और बात खत्म हो जाती. मेरे बेटे ने डॉक्टर के तौर पर मरीज को कुछ नहीं कहा, लेकिन क्या किसी के माता-पिता के बारे में कोई गलत बोलता है तो ऐसी बात को भी नहीं सुन सकता. डॉक्टर भी अच्छा काम करना चाहते हैं वो हाइपर नहीं होना चाहते हैं उनके ऊपर भी दबाव होता है. स्वास्थ्य मंत्री ने मेरे बेटे को गुंडा कहते हुए सरकारी सेवाओं के काबिल नहीं बताया, लेकिन क्या अगर ये घटना नहीं होती तो क्या मेरा बेटा सरकारी सेवाओं के काबिल था. अगर ये लोग मेरे बेटे को नुकसान पहुंचा देते तो उसका जिम्मेदार कौन होता. मेरे बेटे को धमकियां मिल रही हैं.'
पांवटा साहिब में बाजार रहे बंद
डॉ. राघव के गृह क्षेत्र पांवटा साहिब में माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है. वीरवार रात करीब आठ बजे शहर के एक निजी होटल में व्यापार मंडल, सामाजिक संगठनों और अन्य संस्थाओं की एक अहम बैठक बुलाई गई थी, जो देर रात 9 बजे तक चलती रही. बैठक में 259 लोग मौजूद रहे. बैठक में सर्वसम्मति से शुक्रवार को पांवटा साहिब बाजार को दोपहर एक बजे तक बंद रखने का फैसला लिया गया. इसी के चलते आज (शुक्रवार, 26न दिसंबर को) पांवटा साहिब का पूरा बाजार एक बजे तक बंद रहा. डॉक्टर के समर्थन में बाल्मीकि चौक से मुख्य बाजार होकर गीता भवन तक मार्च निकाला गया और सरकार के फैसला गलत ठहराया गया. इसके साथ ही एसडीएम के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज दिया गया है. जिसमें डॉक्टर को फिर से बहाल करने की मांग रखी गई है.

टर्मिनेशन वापस लेने की मांग
उधर, आईजीएमसी अस्पताल में डॉक्टर मरीज में हुई मारपीट पर प्रदेश सरकार द्वारा डॉक्टर राघव को टर्मिनेट कर दिया है, जिस पर डॉक्टर एसोसिएशन भड़क गई है और सरकार से डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग कर रहे हैं. आईजीएमसी और जिला अस्पताल के सभी डॉक्टर एक दिन के अवकाश पर रहे, जिसके चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार सुबह ही मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास ओक ओवर पहुंचे जहां पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर डॉक्टर राघव का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग उठाई. साथ ही उन्होंने घटना के दिन भीड़ द्वारा अस्पताल के अंदर की गई तोड़फोड़ और डॉक्टर को डराने धमकाने वालों पर कार्रवाई करने के साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा को बढ़ाने की भी मांग उठाई गई.

