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हिमाचल पंचायत चुनाव मामला: हाईकोर्ट में पूरी हुई सुनवाई, अब फैसले का इंतजार

हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव मामले पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई. मामले पर दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गई है.

हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव मामले पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई
हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव मामले पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 5:57 PM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के मामले में आज हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है. हाईकोर्ट में आज इस मामले पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई. मामले पर दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गई है, जिसके बाद न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की अदालत ने मामले को फैसले के लिए सुरक्षित रख लिया है. इससे पहले मामला CJ न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ के सामने था. CJ कोर्ट ने मामले को डिवीजन बेंच एक यानी न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की अदालत के सामने रखने के आदेश दिए थे.

मामले में दोनों पक्षों की बहस हुई पूरी, फैसले का इंतज़ार

अधिवक्ता डिक्कन कुमार और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने लगातार दो दिन सुनवाई की. बीते कल यानी 6 जनवरी को याचिकाकर्ता ने अदालत के सामने दलीलें रखी, जिसके बाद आज 7 जनवरी को प्रतिवादी पक्ष की ओर से दलीलें पेश की गई. इस मामले में अब दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गई है. सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया है. अब पंचायत चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे इस मामले में फ़ैसले का इंतज़ार है.

मुख्य न्यायाधीश की अदालत में भी हो चुकी है बहस

हिमाचल हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान देवेंद्र नेगी बनाम स्टेट मामले का हवाला दिया गया था. इस पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने डिवीजन बेंच एक के फैसले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि देवेंद्र नेगी बनाम स्टेट मामले में डिवीजन बेंच एक ने इलेक्शन रूल 9(2) को सेट असाइड करते हुए आगे चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के आदेश दिए थे. मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डबल बेंच ने पाया कि इस केस की सुनवाई के दौरान किशन सिंह तोमर बनाम स्टेट ऑफ़ गुजरात मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में नहीं लाया गया. इस लिए मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली खंडपीठ ने मामले को डिवीजन बेंच एक के सामने रखने के आदेश दिए थे.

पंचायत चुनाव में देरी पर HC में दायर हुई थी याचिका

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी के आरोप लगाते हुए अधिवक्ता डिक्कन कुमार और अन्य की ओर से हिमाचल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. याचिकाकर्ता का आरोप है कि स्टेट समय पर पंचायत चुनाव करवाने में जान बूझकर देरी कर रहा है. हिमाचल प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को पूरा होने जा रहा है. नियमानुसार पंचायत चुनाव की तैयारी 6 महीने पूर्व शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन इसमें जानबूझ कर देरी की गई. वहीं राज्य सरकार की दलील थी कि प्रदेश में बरसात से हुई आपदा के चलते जल्द चुनाव करवाना संभव नहीं था.

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