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जयपुर में स्ट्रीट डॉग्स का आतंक: डेढ़ माह में 1000 से ज्यादा डॉग बाइट के मामले आए सामने

हर साल औसतन 10 हजार से अधिक लोग एनिमल बाइट का शिकार होकर एसएमएस अस्पताल में इलाज करवाने आते हैं.

MENACE OF STREET DOGS IN  JAIPUR
एंटी रैबीज क्लीनिक (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 24, 2026 at 8:59 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: राजधानी जयपुर में स्ट्रीट डॉग्स का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. शहर के अलग-अलग इलाकों में डॉग्स के हमले की घटनाएं आम होती जा रही हैं, जिससे आमजन में भय का माहौल है. हाल ही में जयपुर एयरपोर्ट पर एक विदेशी महिला यात्री पर स्ट्रीट डॉग ने हमला कर दिया, जिसमें महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. इस घटना ने एयरपोर्ट जैसे हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में भी स्ट्रीट डॉग्स की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सवाईमानसिंह अस्पताल के आंकड़े स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट करते हैं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार बीते डेढ़ माह में हजार से अधिक एनिमल बाइट के मामले सामने आए हैं. वहीं जनवरी से अब तक कुल करीब 1400 मरीज डॉग्स और अन्य जानवरों के काटने के बाद उपचार के लिए अस्पताल पहुंच चुके हैं. हर साल औसतन 10 हजार से अधिक लोग एनिमल बाइट का शिकार होकर एसएमएस अस्पताल में इलाज करवाने आते हैं.

रेबीज क्लिनिक के डॉ. धर्मेश कुमार शर्मा (ETV Bharat Jaipur)

बच्चे और बुजुर्ग आसान शिकार: सवाई मान सिंह अस्पताल के रेबीज क्लिनिक के डॉ. धर्मेश कुमार शर्मा का कहना है कि डॉग बाइट के मामलों में सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि बच्चे और बुजुर्ग आसान शिकार होते हैं. कई मामलों में मरीजों को गंभीर चोटें आती हैं और उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन देना पड़ता है. समय पर उपचार नहीं मिलने पर रेबीज जैसी घातक बीमारी का खतरा भी बना रहता है, जो जानलेवा साबित हो सकती है. आमतौर पर रेबीज बीमारी हर डॉग्स में नहीं होती, लेकिन हर डॉग रेबीज बीमारी को ट्रांसफर कर सकता है.

पढ़ें:छात्रा पर स्ट्रीट डॉग्स के हमले का मामला: बूंदी विधायक ने विधानसभा में उठाया मामला, जांच समिति गठित

मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया: हाल ही में एयरपोर्ट टर्मिनल-2 के अराइवल गेट के बाहर दिल्ली से आई विदेशी महिला यात्री पर स्ट्रीट डॉग ने हमला किया. महिला को गंभीर चोट आई और उसे निजी अस्पताल ले जाया गया. मामला बढ़ने पर राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और एयरपोर्ट प्रबंधन को नोटिस जारी कर 5 मार्च तक रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने एयरपोर्ट परिसर और आसपास से खतरनाक डॉग्स को तुरंत रेस्क्यू करने के निर्देश दिए हैं.

MENACE OF STREET DOGS IN  JAIPUR
क्या करें क्या नहीं (ETV Bharat Jaipur)

सरकारी सिस्टम लापरवाह : इतना ही नहीं, राजधानी में डॉग्स के काटने के कई मामले हर रोज सामने आ रहे हैं, लेकिन सिस्टम किस कदर लापरवाह हो सकता है, इसकी बानगी हाल ही में देखने को मिली, जब जयपुर में एसीबी ने श्वानों की नसबंदी के बिल पास करने के एवज में 4 लाख की रिश्वत लेते नगर निगम के दो डॉक्टरों—डॉ. योगेश और डॉ. राकेश—सहित संविदाकर्मी जितेंद्र शेखावत को ट्रैप किया. आरोप था कि डॉग की नसबंदी से जुड़े ठेकेदारों के बिल क्लियर करने के लिए यह टीम रिश्वत मांग रही थी. एसीबी ने सभी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. एक तरफ एयरपोर्ट से लेकर अन्य स्थानों पर स्ट्रीट डॉग्स का आतंक लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बना है, वहीं दूसरी तरफ इन्हीं डॉग्स की नसबंदी के नाम पर भ्रष्टाचार ने सिस्टम की पोल खोल दी है.