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दक्षिणी कमांड प्रमुख का डेजर्ट सेक्टर दौरा, सैनिकों की तैयारियों का लिया जायजा, मल्टी डोमेन और ड्रोन वॉरफेयर पर जोर

निरीक्षण के दौरान ड्रोन वॉरफेयर क्षमताओं पर विशेष ध्यान दिया गया.

भारतीय सेना का युद्धभ्यास
भारतीय सेना का युद्धभ्यास (Photo Source- Indian army)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 2, 2026 at 3:02 PM IST

2 Min Read
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जैसलमेर: भारतीय सेना के दक्षिणी कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने हाल ही में डेजर्ट सेक्टर में स्थित फॉरवर्ड एरिया का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने बैटल ऐक्स डिवीजन के सैनिकों से मुलाकात की और उनकी तैयारियों तथा ऑपरेशनल क्षमताओं का गहन निरीक्षण किया. यह दौरा मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मल्टी डोमेन ऑपरेशंस पर फोकस: दौरे के दौरान जीओसी-इन-सी ने मल्टी डोमेन ऑपरेशंस (Multi Domain Operations) के तहत हासिल की गई क्षमताओं की समीक्षा की. इसमें थल, वायु, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के विभिन्न आयामों को एक साथ समन्वित कर प्रभावी सैन्य कार्रवाई की रणनीति पर जोर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक युद्ध में विभिन्न डोमेन का एकीकृत उपयोग ही सफलता की कुंजी बनता जा रहा है.

टेक्नोलॉजी इन्फ्यूजन से बढ़ी ताकत: सेना की तैयारियों में टेक्नोलॉजी इन्फ्यूजन की अहम भूमिका देखने को मिली. उन्नत उपकरणों, निगरानी प्रणालियों और डिजिटल नेटवर्किंग के जरिए सैनिकों की क्षमता को और मजबूत किया गया है. जीओसी-इन-सी ने इन तकनीकी सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य के युद्धों में तकनीक निर्णायक भूमिका निभाएगी.

ड्रोन वॉरफेयर का प्रभावी इस्तेमाल: निरीक्षण के दौरान ड्रोन वॉरफेयर क्षमताओं पर विशेष ध्यान दिया गया. सेना ने ड्रोन तकनीक के जरिए निगरानी, लक्ष्य पहचान और सटीक हमलों की क्षमता विकसित की है. अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन का उपयोग सीमा क्षेत्रों में रियल टाइम जानकारी जुटाने और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने में बेहद कारगर साबित हो रहा है.

भारतीय सेना
डेजर्ट सेक्टर में गरजीं भारतीय सेना की तोपें (Photo Source- Indian army)

सैनिकों का मनोबल बढ़ाया: जीओसी-इन-सी ने फॉरवर्ड एरिया में तैनात जवानों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया. उन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा कर रहे सैनिकों की सराहना करते हुए उनके समर्पण और साहस को प्रेरणादायक बताया. साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षण और संसाधनों में निरंतर सुधार करते रहें.

सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता: इस दौरे से यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय सेना सीमावर्ती क्षेत्रों में पूरी तरह सतर्क और तैयार है. आधुनिक तकनीक, रणनीतिक योजना और जवानों के उच्च मनोबल के बल पर सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम है. जीओसी-इन-सी का यह दौरा सेना की मजबूती और देश की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

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टैंको ने युद्धाभ्यास में लिया भाग (Photo Source- Indian army)