हाथ मिलाकर गले मिले डॉक्टर राघव और अर्जुन पंवार, शादी का भी दिया न्यौता, सुलझा IGMC का विवाद
आईजीएमसी में डॉक्टर मरीज के बीच मारपीट का मामला सुलझ गया है. दोनों ने आज एक दूसरे को गले लगाकार विवाद को समाप्त किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 30, 2025 at 3:13 PM IST
|Updated : December 30, 2025 at 6:36 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश के शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में हुआ मारपीट मामला सुलझ गया है. इस विवाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया है. मरीज और आरोपी डॉक्टर ने हाथ मिलाए और गले मिलते हुए विवाद को खत्म कर दिया. वहीं, डॉक्टर राघव नरूला की मां ने कहा कि अर्जुन पंवर भी मेरा बच्चा है और राघव भी. मेरे लिए दोनों बराबर हैं. दोनों ने एक दूसरे से माफी मांगी है और हम बच्चों के साथ हैं. मरीज अर्जुन पंवर के पिता ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की वजह से उन्हें इंसाफ मिला. चौपाल के लोगों ने समर्थन दिया. ये अच्छा है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया.
वहीं, समझौते के दौरान दोनों गले मिले और दोनों ने मुस्कुराते हुए एक दूसरे से हाथ मिलाया. इस दौरान राघव नरूला ने अर्जुन पंवार को शादी का न्योता भी दिया. इसके बाद अर्जुन पंवार ने मजाकिया लहजे में अपनी सुरक्षा को लेकर डॉ. राघव से पूछा. जवाब में डॉक्टर राघव ने कहा कि भाई आपकी सुरक्षा में मैं ही हूं. इसके बाद दोनों के साथ साथ आसपास खड़े लोग भी हंस पड़े. वहीं, डॉ. राघव ने कहा कि दोनों ही पक्ष इस मामले में समझौता करना चाहते थे, लेकिन दोनों के रास्ते अलग थे. अब बातचीत के बाद दोनों पक्षों में सुलह हो गई है.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि 'दोनों पक्षों में आपसी बातचीत के बाद समझौता हो गया है. सरकार नहीं चाहती थी कि किसी को भी कोई परेशानी हो. जनता की परेशानी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने पहले भी डॉक्टरों के साथ मुलाक़ात की थी और जांच का आश्वासन दिया था. दोनों पक्षों ने कहा कि हमारी कोई दुश्मनी नहीं थी. अचानक से ऐसा माहौल बना जिस कारण ये लड़ाई हुई. अब दोनों ने प्रदेश हित को समझते हुए समझौता किया है. दोनों ने एक दूसरे और प्रदेशवासियों से इसके लिए माफी मांगी है. अब इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के बाद FIR भी वापस ली जाएगी.'
क्या है मामला?
गौरतलब है कि 22 दिसंबर को एक वीडियो वायरल होता है, जिसमें आईजीएमसी शिमला का एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राघव नरूला और एक मरीज के बीच मारपीट होती है. वीडियो में मरीज और डॉक्टर एक दूसरे पर लात और घूंसे चलाते नजर आए थे. वीडियो वायरल होने के बाद मामला ने तूल पकड़ लिया. इसके बाद डॉक्टर को सस्पेंड किया जाता है. उसके बाद सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए डॉक्टर की सेवा समाप्ति (Termination) के आदेश दिए जाते हैं. डॉ. राघव नरूला के टर्मिनेशन को रद्द करने की मांग को लेकर आईजीएमसी शिमला के रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल शुरू कर देते हैं. आरडीए एम्स दिल्ली भी डॉ. राघव नरूला के समर्थन में उतरती है. रेजिडेंट डॉक्टर्स का आरोप था कि मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है. मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और डॉ. राघव नरूला की सेवाएं भी बहाल की जाएं.

