टोंक में जमीन से निकले घड़े के रहस्य से पर्दा उठाएगा पुरातत्व विभाग
घड़े को कड़ी सुरक्षा में सब ट्रेजरी ऑफिस निवाई में रखा गया है.

Published : January 5, 2026 at 8:55 AM IST
टोंक: जिले में निवाई तहसील के देवरी गांव में शनिवार शाम चरागाह भूमि में खुदाई में मिले घड़े की जांच पुरातत्व विभाग की टीम आने के बाद ही आगे बढ़ेगी. घड़े को कड़ी सुरक्षा में सब ट्रेजरी ऑफिस निवाई में रखा गया है. इधर, कयास हैं कि खुदाई में मिली घड़े में खजाना था.
अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) रामरतन सोकरिया ने बताया कि घड़े की वीडियोग्राफी कराकर पुरातत्व विभाग को सूचित कर दिया है. पुरातत्व विभाग के डायरेक्टर को पूरे मामले की जानकारी देते पत्र लिखा है. अब इस मामले को लेकर आगे की कार्यवाही पुरातत्व विभाग के दिशा निर्देशन में ही होगी.
पुलिस ने कराई जांच: टोंक पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने बताया कि निवाई क्षेत्र में जमीन में खुदाई के दौरान मिले घड़े को शनिवार देर रात पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में सील करा सब ट्रेजरी निवाई में रखवा दिया. खुदाई की जगह गुलाब के फूल बिखरे थे. कुछ ग्रामीणों ने तंत्र-मंत्र की आशंका जताई. इसी को देखते हमने विशेष टीम का गठन किया. निवाई थाना अधिकारी को मौके का बारीकी से निरीक्षण करने और प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए. जांच से स्पष्ट होगा कि घड़ा मिलने के स्थल पर गुलाब के फूल किसने और क्यों बिखेरे. किसने वहां तंत्र-मंत्र की कोशिश की. फिलहाल घड़े को सील कर निवाई ट्रेजरी में सुरक्षित रखवाया है. पुरातत्व विभाग की टीम के घड़ा खोलने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि उसमें क्या है.
तंत्र-मंत्र की आशंका: निवाई तहसीलदार नरेश गुर्जर ने बताया कि चरागाह जमीन पर चप्पल के निशान और फूल पत्तियों के साथ बड़ी गाड़ी के टायरों के निशान कुछ लोगों ने देखे तो सरपंच रामसहाय मीणा के जरिए पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई. प्रशासन ने जेसीबी से उस जगह किसी अनहोनी या तंत्र-मंत्र की आशंका देखते दस फीट खुदाई की तो घड़ा मिला. यह 100 से 150 किलो वजनी, 2 फीट ऊंचा और डेढ़ फीट चौड़ा है. ग्रामीणों ने इसे गड़ा खजाना बताया. अफवाहों का बाजार गर्म गया. आमतौर पर धरती में गढ़े खजाने से जुड़े विवादों को निपटाने के लिए भारतीय खजाना निधि अधिनियम है. उसी कानून के तहत पुरातत्व विभाग जांच करता है.

