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राजस्थान विश्वविद्यालय का 80वां स्थापना दिवस, अर्जुन मेघवाल बोले- 21वीं सदी भारत की होगी

राजस्थान विश्वविद्यालय ने अपना 80वां स्थापना दिवस मनाया. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने छात्रों को सम्मानित किया गया.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 8, 2026 at 7:58 PM IST

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जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय ने गुरुवार को अपना 80वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया. इस अवसर पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर प्रांत प्रचारक बाबूलाल उपस्थित रहे.

स्वामी विवेकानंद की भविष्यवाणियां हो रही साकार: समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी और देश विश्व का नेतृत्व करेगा. उन्होंने स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए बताया कि स्वामी जी ने तीन प्रमुख भविष्यवाणियां की थीं, जिनमें से दो पूरी हो चुकी हैं. पहली कि पश्चिम भोग की ओर जाएगा, जबकि भारत आध्यात्मिकता के माध्यम से दुनिया को दिशा दिखाएगा. आज पूरी दुनिया योग, ध्यान और भारतीय दर्शन को अपनाने की ओर बढ़ रही है.

राजस्थान विश्वविद्यालय का 80वां स्थापना दिवस,
स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (ETV Bharat Jaipur)

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दूसरी भविष्यवाणी एशिया के उदय की थी, जिसमें भारत अग्रणी भूमिका निभाएगा. आज भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक प्रभाव इसकी पुष्टि कर रहे हैं. मेघवाल ने कहा कि अब विश्व के विद्वान और विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि भारत आने वाले समय में विश्व नेतृत्व करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है और वैश्विक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत कर रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत न केवल आर्थिक बल्कि विचार, संस्कृति और मानव मूल्यों में भी दुनिया का मार्गदर्शन करेगा.

विश्वविद्यालय की गौरवशाली यात्रा का जिक्र: विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय राजस्थान का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान है, जो ज्ञान, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का केंद्र रहा है. इसकी स्थापना 8 जनवरी 1947 को राजपूताना विश्वविद्यालय के रूप में हुई थी. उन्होंने विश्वविद्यालय के ध्येय वाक्य “धर्मो विश्वस्य जगतः प्रतिष्ठा” की व्याख्या करते हुए इसे भारतीय ज्ञान परंपरा का वैश्विक संदेश बताया. संस्थापक कुलपति डॉ. जी. एस. महाजनी के योगदान को याद करते हुए कुलपति ने कहा कि ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक न्याय विश्वविद्यालय की प्राथमिकताएं रही हैं.

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100 से अधिक विद्यार्थियों को मिला सम्मान: समारोह में अचीवर्स फेलिसिटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2024-25 में खेल, शिक्षा, एनसीसी, ललित कला एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 100 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. साथ ही सेवानिवृत्त प्रोफेसर, पूर्व कुलपति और पूर्व विद्यार्थियों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया. विशेष रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियों में अवनी लेखरा ने 2025 पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतकर विश्वविद्यालय को वैश्विक पहचान दिलाई, जबकि एनसीसी कैडेट मोनिका ने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की.