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छत्तीसगढ़ में नई शिक्षा नीति के तहत पुस्तकों की होगी आपूर्ति, पाठ्यपुस्तक निगम का ऐलान

छत्तीसगढ़ में पाठ्य पुस्तक निगम ने ऐलान किया है कि नई शिक्षा नीति के तहत अब टेक्स्टबुक का प्रकाशन होगा.

Chhattisgarh Textbook Corporation
छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 2, 2026 at 10:59 PM IST

3 Min Read
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र 2026-27 को लेकर छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने बड़ा ऐलान किया है. निगम ने स्पष्ट किया है कि अब प्रदेश में नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यपुस्तक मुहैया कराए जाएंगे. ये पाठ्यपुस्तक निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनसीईआरटी के स्टैंडर्ड के अनुसार प्रकाशित होंगे. इसे राज्य शासन एवं एससीईआरटी के निर्देशों के अनुरूप तैयार किया जाएगा.

कैसी होगी कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकें ?

छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 1 से 8 तक के पुस्तकें एनसीईआरटी पर आधारित है. एनसीईआरटी और एससीईआरटी के बीच हुए अनुबंध में आंतरिक पृष्ठों के मुद्रण हेतु 80 जीएसएम के कागज का उपयोग किया जाएगा. इसके अलावा 220 जीएसएम कवर पेपर का उपयोग किया जाएगा. कक्षा 9वीं एवं 10वीं के लिए 70 जीएसएम कागज का उपयोग करने का फैसला किया गया है.

नई शिक्षा नीति के तहत विषयों में इजाफा

निगम के अधिकारियों ने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा 1 से 8 तक विषयों की संख्या में वृद्धि की गई है. पूर्व सत्र में 134 विषयों के स्थान पर आगामी सत्र में 144 विषयों की पुस्तकों की प्रिंटिंग की जाएगी. इसके अलावा कक्षा 4 एवं कक्षा 7 में विषय वृद्धि शासन तथा एससीईआरटी के निर्णय के आधार पर पुस्तकों की प्रिंटिंग होगी.

डिजिटल सिलेबस पर भी जोर

कई कक्षाओं में डिजिटल शिक्षण-सामग्री तैयार करने को लेकर भी सहमति बनी है. विद्यार्थियों को डिजटल शिक्षण सामग्री मुहैया कराई जाएगी. जिससे स्कूली बच्चों के बस्ते का वजन कम हो सके.

कागजों की खरीद प्रक्रिया जारी

पाठ्य पुस्तकों के लिए कागजों की खरीद की प्रक्रिया की जा रही है. शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए भी लगभग 11000 मीट्रिक टन 70 एवं 80 जीएसएम कागज के खरीद की प्रक्रिया की जा रही है. नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 1 से 8 तक विषयों की संख्या में वृद्धि की गई है. कक्षा 4 और कक्षा 7 में विषयों की वृद्धि का फैसला शासन एवं एससीईआरटी द्वारा लिया गया है, जिसके कारण कागजों की आवश्यक्ता में इजाफा हुआ है.

निगम ने यह स्पष्ट किया कि छात्रों के बस्ते के वजन में वृद्धि को केवल कागज के जीएसएम परिवर्तन से जोड़कर प्रस्तुत करना भ्रामक है, क्योंकि बस्ते का वजन मुख्यतः विषयों की संख्या, पुस्तकों के पृष्ठों की संख्या तथा पाठ्यक्रम की संरचना पर निर्भर करता है। निगम ने कहा कि पाठ्यक्रम एवं विषयों से संबंधित समस्त शैक्षणिक निर्णय एससीईआरटी एवं राज्य शासन स्तर पर लिए जाते हैं तथा छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम इन स्वीकृत पुस्तकों के मुद्रण एवं वितरण की जिम्मेदारी निभाता है.

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