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नारायणपुर में धर्मांतरण पर बढ़ा तनाव, छोटेडोंगर में 84 परगना की महाग्राम सभा, 30 अप्रैल तक ‘घर वापसी’ का अल्टीमेटम

नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर सामाजिक हलचल तेज हो गई है.

RELIGIOUS CONVERSION NARAYANPUR
नारायणपुर में धर्मांतरण पर महाग्राम सभा (ETV Bharat Chhattisgarh)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : April 20, 2026 at 12:18 PM IST

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Updated : April 20, 2026 at 2:29 PM IST

4 Min Read
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नारायणपुर: बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में धर्मांतरण का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. धर्म स्वतंत्रता कानून के बाद अब छोटेडोंगर क्षेत्र में आदिवासी समाज और सर्व समाज खुलकर इसके विरोध में लामबंद हो गया है. 84 परगना के हजारों लोगों की मौजूदगी में आयोजित महा ग्राम सभा में धर्मांतरित परिवारों से मूल धर्म में लौटने की अपील की गई है, साथ ही 30 अप्रैल तक का अल्टीमेटम भी दिया गया है.

धर्मांतरण पर सर्व समाज की बैठक

नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र में रविवार को गोंडवाना समाज भवन में 84 परगना के सर्व समाज की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. यह धर्मांतरण के मुद्दे पर आयोजित तीसरी प्रमुख बैठक बताई जा रही है.

नारायणपुर में धर्मांतरण (ETV Bharat Chhattisgarh)

बैठक में सर्व समाज और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने इस बात पर चिंता जताई कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक रीति-रिवाज, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक पहचान को छोड़कर धर्म परिवर्तन कर रहे हैं. समाज के लोगों का आरोप है कि कुछ बाहरी प्रभावों और प्रलोभनों के कारण यह बदलाव हो रहा है, जिससे उनकी सांस्कृतिक संरचना प्रभावित हो रही है.

बैठक का एजेंडा है कि धर्मांतरित लोगों के साथ शांतिपूर्वक बैठकर उनसे चर्चा करें और धर्म परिवर्तन करने को लकर उनकी मजबूरी के बारे में जाने. अवैध चर्च निर्माण पर मंथन करेंगे -सुखमन कोर्राम, ग्रामीण

बैठक में नहीं पहुंचे धर्मांतरित परिवार, 30 अप्रैल तक का अल्टीमेटम

इस बैठक में धर्मांतरित परिवारों और स्थानीय पास्टरों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, ताकि संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जा सके. हालांकि, बैठक में धर्मांतरित परिवारों का कोई भी सदस्य उपस्थित नहीं हुआ, जिससे समाज के लोगों में नाराजगी भी देखी गई. बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि क्षेत्र के जितने भी लोग धर्मांतरण कर चुके हैं, उन्हें 30 अप्रैल तक अपने मूल धर्म में वापसी करने का अवसर दिया जाए.

हमारे समाज से भटके हुए लोगों को सर्व समाज की तरफ से कहना चाहुंगा कि 30 अप्रैल की बैठक में आए और हमारे सर्व समाज के साथ बैठकर अपना निर्णय सबके सामने रखे -दुश्शासन यादव, ग्रामीण

धर्म स्वतंत्रता कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी

समाज की ओर से अपील की गई कि वे स्वेच्छा से अपने परंपरागत धर्म और संस्कृति को पुनः अपनाएं. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित समयसीमा तक वापसी नहीं होती है, तो धर्म स्वतंत्रता कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि शांति और आपसी सौहार्द के साथ इस मुद्दे का समाधान निकालना है.

इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. विभिन्न पक्षों के बीच विचारों का टकराव देखने को मिल रहा है, जिससे स्थिति संवेदनशील बनी हुई है. छोटेडोंगर में आयोजित इस महाग्राम सभा ने नारायणपुर जिले में धर्मांतरण के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है. जहां एक ओर समाज अपने सांस्कृतिक अस्तित्व को बचाने के लिए सक्रिय नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले ने क्षेत्र में तनाव की स्थिति भी पैदा कर दी है.

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Last Updated : April 20, 2026 at 2:29 PM IST