सीकर में पारा शून्य से नीचे पहुंचा, अभी नहीं मिलेगी शीतलहर से राहत
अगले तीन दिन घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में शीतलहर का असर बना रह सकता है.

Published : January 4, 2026 at 12:03 PM IST
|Updated : January 4, 2026 at 12:36 PM IST
सीकर: जिले में सर्दी ने फिर तीखे तेवर दिखाए. शनिवार के बाद रविवार को भी सर्दी का असर और बढ़ गया. तापमान गिरकर माइनस 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है. घने कोहरे और शीतलहर ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित किया. सुबह देर तक घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता घट गई और सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए.
फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र के अनुसार, शनिवार रात तापमान 9.3 डिग्री से लुढ़ककर 1.6 डिग्री तक पहुंच गया था. हालांकि दोपहर में मौसम कुछ समय खुला, लेकिन धूप बेअसर रही. देर शाम होते फिर से सर्दी ने जोर पकड़ा. शनिवार को जिले में अधिकतम तापमान 17.6 और न्यूनतम 1.6 डिग्री दर्ज किया गया. आज पारा गिरकर माइनस में चला गया. यह लगातार तीसरा दिन है, जब सीकर में कोल्ड-डे के हालात रहे. पिछले साल 8 जनवरी को न्यूनतम पारे में करीब 9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई थी.
शीतलहर से बढ़ी ठंड: जयपुर मौसम विभाग के फोरकास्ट शाखा प्रभारी डॉ. सुभाष के अनुसार सर्दी में पारे में एक साथ बड़ी गिरावट के पीछे कई कारण होते हैं. बार-बार चक्रवाती बादलों की आवाजाही, घना कोहरा और शीतलहर का एक साथ दबाव बनने से तापमान तेजी से गिरता है. कोहरे के कारण वातावरण में नमी बढ़ जाती है. शीतलहर हवा में मौजूद नमी को और अधिक ठंडा कर देती है. इससे तापमान जमाव बिंदु के आसपास या नीचे पहुंच जाता है. यह स्थिति आमतौर पर दिसंबर और जनवरी में बनती है.
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अभी राहत के आसार नहीं: जयपुर मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले तीन दिन घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में शीतलहर का प्रभाव बना रह सकता है. इसके चलते न्यूनतम पारे में 2 से 3 डिग्री तक और गिरावट संभव है. आने वाले एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. इस दौरान कुछ जगह पारा जमाव बिंदु से नीचे जा सकता है. विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी.
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फसलों को फायदा: उधर, कुचामन सिटी और उसके आसपास गांवों में छाई धुंध से वाहन चालक परेशान हैं. वहीं घना कोहरा और ओस से जौ, गेहूं, सरसों की फसल को लाभ हो रहा है. गोपालपुरा के किसान परसाराम बुगालिया ने बताया कि पहले दिसंबर की शुरुआत से तेज धूप का फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ा. तब गर्मी के कारण खेतों में नमी की कमी हो रही थी. इससे फसल की पैदावार पर खतरा मंडराने लगा, लेकिन अब नए साल की शुरुआत से ही धुंध के कारण जौ, गेहूं, चना, सरसों की फसल को लाभ मिल रहा है.

