कांग्रेस विधायक ने दी शहीद तेजपाल को श्रद्धांजलि, सरकार पर लगाया वादे पूरे नहीं करने का आरोप
विधायक आफताब अहमद ने तीन साल पहले शहीद हुए तेजपाल के परिवार को सरकार की ओर घोषणा के अनुरूप लाभ नहीं देने का आरोप लगाया.

Published : August 21, 2026 at 5:39 PM IST
नूंहः तीन साल पूर्व जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में हुए हादसे में शहीद हुए मेवात के वीर सपूत लोकनायक तेजपाल सिंह की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन शुक्रवार को किया गया. उनके पैतृक गांव संगेल पहुंचकर नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने शहीद को श्रद्धांजलि दी.

हादसे में देश के 9 जवान हुए थे शहीदः उन्होंने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और परिवार से मिलकर उनका हाल जाना. शहीद तेजपाल की तीसरी बरसी है. करीब 3 साल पहले लद्दाख में लेह के पास सेना का एक ट्रक खाई में गिर गया था. इस हादसे में देश के 9 जवान शहीद हुए थे, जिनमें हरियाणा के 5 जवान शामिल थे. मेवात के संगेल निवासी लोकनायक तेजपाल सिंह 311 रेजीमेंट में तैनात थे और वह 2013 में सेना में भर्ती हुए थे. उनके पीछे दो बेटे हैं. इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया था. पलवल का भी एक जवान इसी हादसे में शहीद हुआ था.
शहीद के परिवार को आज तक नहीं मिला सम्मानः परिवार से मिलने के बाद विधायक आफताब अहमद ने कहा कि "मेवात शहीदों की धरती है और मेवात का नाम हमेशा वीरता और बलिदान के लिए याद किया जाता है. तेजपाल का परिवार एक सम्मानजनक परिवार है. उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार को वह सम्मान आज तक नहीं मिला, जिसका सरकार ने वादा किया था. भाजपा सरकार ने शहीद के नाम पर जो घोषणाएं और वादे किए थे, उन्हें आज तक पूरा नहीं किया गया.

'सरकार धरातल पर शहीदों के परिवारों की सुध नहीं लेती': विधायक आफताब अहमद ने कहा कि उन्होंने समय-समय पर सरकार को इस बारे में याद दिलाया है. विधानसभा स्तर पर भी उन्होंने प्रस्ताव रखा था कि यदि उजीना क्षेत्र में कोई कॉलेज या अन्य संस्थान बनता है तो उसका नाम शहीद लोकनायक तेजपाल सिंह के नाम पर रखा जाए, ताकि युवाओं को देशभक्ति की प्रेरणा मिले और शहीदों के बलिदान को आने वाली पीढ़ी याद रख सके. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, लेकिन धरातल पर शहीदों के परिवारों की सुध नहीं लेती. शहीद तेजपाल के परिवार को आज भी सरकारी सम्मान और वादों के पूरे होने का इंतजार है.

