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MLC चुनाव से पहले सड़क पर उतरे तेजस्वी यादव, RJD को दिला पाएंगे जीत?

2025 की हार के बाद तेजस्वी यादव पहली बार पर सड़क पर उतरे हैं. क्या इससे विधान परिषद चुनाव में फायदा होगा? रिपोर्ट- अविनाश कुमार

TEJASHWI YADAV
तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च का असर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 19, 2026 at 5:49 PM IST

5 Min Read
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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बड़े मुद्दों पर भी नजर नहीं आ रहे थे. यहां तक की मानसून सत्र में एक दिन भी सदन में नहीं आए लेकिन आज लंबे अंतराल के बाद सड़क पर दिखे. तेजस्वी ने छात्रों के आंदोलन के दौरान गोली चलाये जाने की घटना के विरोध में लोक भवन मार्च का नेतृत्व किया. गांधी मैदान से लोक भवन मार्च करना था लेकिन पटना के इनकम टैक्स चौराहा पर ही रोक दिया गया.

प्रदर्शन से सुधारेंगे पार्टी का प्रदर्शन: बिहार में अभी विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव जल्द ही होने वाला है. विशेषज्ञ प्रोफेसर रणधीर कुमार का कहना है कि भोजपुर-बक्सर चुनाव जीतने के बाद राजद के लिए यह अच्छा मौका है क्योंकि इन 8 सीटों में पार्टी की एक भी सीट नहीं है. इसलिए उसके पास खोने को कुछ नहीं है. तेजस्वी यादव एमएलसी चुनाव में आरजेडी के लिए संभावना तलाश रहे हैं. इसलिए चुनाव से ठीक पहले एक्टिव होने की कोशिश है. एक मैसेज देने की भी कोशिश है. तेजस्वी पर आरोप लगते हैं कि वह चुनाव के समय ही नजर आते हैं.

सभी 8 सीटों पर आरजेडी की तैयारी: राष्ट्रीय जनता दल सभी सीटों पर विधान परिषद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है. हालांकि किसी सीट पर नाम की घोषणा नहीं हुई है. जो जानकारी मिल रही है, उसके मुताबिक आने वाले पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भी पार्टी इस बार विधान परिषद चुनाव लड़ेगी.

"हम लोग आठों सीटों के लिए तैयारी कर रहे हैं. कुछ सीटों पर सहयोगी दलों का कब्जा है. इसमें कांग्रेस के मदन मोहन झा की सीट भी शामिल है. ऐसे में उन सीटों पर अभी बातचीत चल रही है लेकिन हम लोगों की तैयारी आठों सीटों के लिए हो रही है."- एजाज अहमद, प्रवक्ता, राष्ट्रीय जनता दल

RJD LOK BHAVAN MARCH
आरजेडी का लोकभवन मार्च (ETV Bharat)

8 सीटों में से चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र है, जिस पर चुनाव होना है. पटना में भी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव होगा. जो चर्चा है, उसके मुताबिक जेडीयू से आरजेडी में गए डॉक्टर संजीव इस बार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं. वह परबत्ता से विधायक थे लेकिन विधानसभा चुनाव के समय आरजेडी में शामिल हो गए. हालांकि उनको हार का सामना करना पड़ा.

क्या कहते हैं जानकार?: राजनीतिक विशेषज्ञ प्रोफेसर प्रमोद कुमार का कहना है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा होने लगी कि विपक्ष का खाली स्थान पीके ले रहे हैं. यह भी एक बड़ा कारण रहा कि तेजस्वी यादव ने विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले छात्रों के मुद्दे पर सड़क पर उतरने का फैसला लिया है.

TEJASHWI YADAV
तेजस्वी यादव (ETV Bharat)

"बिहार परिषद के शिक्षक और स्नातक क्षेत्र के चुनाव में वाटर बहुत सीमित होते हैं. जहां शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षक वाटर होते हैं तो वहीं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में स्नातक वोटर होते हैं. तेजस्वी यादव छात्र आंदोलन के दौरान जिस प्रकार से एक-47 से गोली चलाई गई, उसको मुद्दा बना रहे हैं. अब इसका कितना लाभ मिलेगा यह तो अलग बात है लेकिन उनकी तैयारी निश्चित रूप से विधान परिषद चुनाव को लेकर शुरू हो गई है."- प्रो. प्रमोद कुमार, राजनीतिक विशेषज्ञ

RJD LOK BHAVAN MARCH
लोकभवन मार्च की तस्वीर (ETV Bharat)

एनडीए खेमे में खलबली: पहले भोजपुर बक्सर स्थानीय प्राधिकार के विधान परिषद की सीट हारने और फिर हाल में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव हारने से एनडीए खेमे में खलबली है, क्योंकि विधान परिषद की 8 सीटों में से चार सीट एनडीए के पास है. पहले तो चार सीटों को बचाना एक बड़ा चैलेंज है. प्रशांत किशोर पहले ही सभी सीटों पर उम्मीदवार देने का ऐलान कर चुके हैं. ऐसे में बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर लड़ाई इस बार दिलचस्प होने वाली है.

शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए जो 8 सीटें खाली हो रही है, उनमें एनडीए की चार, कांग्रेस और वामपंथी दल की एक-एक सीट शामिल है. इसके अलावे एक प्रशांत किशोर की पार्टी के समर्थित विधान पार्षद हैं. वहीं शिक्षक नेता के तौर पर तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव में बंशीधर बृजवासी ने चुनाव जीता था. तीन निर्दलीय में एक भाजपा समर्थित हैं.

किस सीट से कौन एमएलसी?: पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बंशीधर बृजवासी, दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सर्वेश कुमार, कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर एनके यादव, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आफाक अहमद, तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संजय कुमार सिंह और दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मदन मोहन झा विधान पार्षद हैं.

आरजेडी की तरफ से बढ़ेगी हलचल: विधान परिषद की आठ सीटों की चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है. इन सीटों के लिए कार्यकाल नवंबर में खत्म होगा. वोटर लिस्ट काफी पहले ही जारी हो गया है. जिन्हें चुनाव लड़ना है, उनमें से कई उम्मीदवार चुनाव प्रचार शुरू भी कर चुके हैं. सभी को चुनाव आयोग की तरफ से चुनाव की घोषणा का इंतजार है.

अब तेजस्वी यादव के इस आंदोलन के बाद आरजेडी की तरफ से उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी हलचल बढ़ेगी. तेजस्वी यादव जरूर चाहेंगे कि आठ में से कुछ सीट आरजेडी की झोली में आए.

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