25 अगस्त को विधानसभा घेराव, 5 दिन से आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता का ऐलान
पटना में 5 दिन से आमरण अनशन पर छात्र नेता अमन यादव ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया, तेजस्वी यादव ने दिया समर्थन. रिपोर्ट-कृष्णनंदन

Published : August 22, 2026 at 12:36 PM IST
पटना: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, लंबित नियुक्तियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में चल रहा शिक्षा सत्याग्रह 2.0 अब तेज होता जा रहा है. पिछले पांच दिनों से छात्र नेता अमन यादव आमरण अनशन पर बैठे हैं.
छात्र नेता से मिले तेजस्वी यादव: शुक्रवार शाम बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे और अमन यादव से मुलाकात कर उनके आंदोलन और 25 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम का समर्थन किया. तेजस्वी यादव ने छात्र नेताओं की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार पर युवाओं को गुमराह करने और रोजगार देने में विफल रहने का आरोप लगाया.
पांच दिन से भूख हड़ताल: आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता अमन यादव ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के कारण छात्रों में आक्रोश है. उन्होंने BPSC 70वीं परीक्षा में कथित धांधली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिन अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका लगभग खाली रहने की बात सामने आई, वे भी टॉप टेन में जगह बनाने में सफल रहे.
"BSSC की परीक्षा में अभ्यर्थियों को OMR शीट नहीं मिलने की शिकायत के बावजूद उससे जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती है. जब आयोग के अध्यक्ष ने जांच के आदेश दिए थे, इसके बावजूद रिजल्ट जारी कर दिया गया."-अमन यादव, छात्र नेता

दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग: अमन यादव ने 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा को भी रद्द करने की मांग की. उन्होंने कहा कि पांच दिनों से आमरण अनशन पर रहने के कारण शरीर पर असर पड़ रहा है, लेकिन छात्रों का समर्थन उन्हें लगातार ऊर्जा दे रहा है. उन्होंने कहा कि वह अपनी सभी 13 मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और जब तक छात्रों की समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा.
दो दिन से आमरण अनशन पर छात्रा: शिक्षा सत्याग्रह 2.0 में पिछले दो दिनों से AEDO परीक्षा की अभ्यर्थी जानवी कुमारी भी आमरण अनशन में शामिल हो गई हैं. जानवी ने कहा कि जनवरी में AEDO की परीक्षा देने के बाद उन्हें पता चला कि पेपर लीक हो गया है और परीक्षा रद्द कर दी गई. इसके बाद करीब आठ महीने से वह दोबारा परीक्षा का इंतजार कर रही हैं.
"करीब तीन साल पहले BSSC की भर्ती का फॉर्म भरा था, लेकिन अब तक परीक्षा की तारीख नहीं आई है. अब धैर्य जवाब देने लगा है."- जानवी कुमारी, AEDO अभ्यर्थी

अन्य छात्रों से जानवी की अपील: जानवी ने कहा कि लाइब्रेरी में बैठकर लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते-करते अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है. उम्र बढ़ रही है और परिवार के लिए पटना में रखकर पढ़ाई का खर्च उठाना भी मुश्किल हो रहा है. ऐसे में उन्होंने आमरण अनशन के जरिए आर-पार की लड़ाई शुरू करने का फैसला लिया है. उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की.
शिक्षा सत्याग्रह 2.0 के समर्थन में पहुंचे गुरु रहमान: पटना के मशहूर शिक्षक गुरु रहमान भी शिक्षा सत्याग्रह 2.0 के समर्थन में गर्दनीबाग धरना स्थल पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि वह आंदोलन के पहले दिन से ही छात्रों के साथ हैं. गुरु रहमान के मुताबिक, चुनाव से पहले सरकार ने युवाओं को कई उम्मीदें दिलाई थी, लेकिन उन उम्मीदों पर सरकार खरी उतरती नजर नहीं आ रही है. यही वजह है कि युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है.
"चौथे चरण की शिक्षक बहाली में प्रीलिम्स और मेंस जैसी प्रक्रिया की जरूरत नहीं थी. सरकार को छात्रों के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में पहल करनी चाहिए."-गुरु रहमान, शिक्षक

शिक्षा मंत्री करें छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात: आंदोलन में शामिल छात्र नेता बीकेश भट्ट ने कहा कि छात्र सरकार के खिलाफ नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार को चुना है और छात्रों को भी इस सरकार से उम्मीदें हैं, लेकिन जिन वादों को लेकर सरकार को चुना गया था, उन पर अपेक्षित काम नहीं हो रहा है. बीकेश भट्ट ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से आग्रह किया कि वह छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करें और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनें.
"कोई भी छात्र सरकार के खिलाफ आंदोलन नहीं कर रहा है, बल्कि यह आंदोलन व्यवस्था और सिस्टम की खामियों के खिलाफ है. इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार को हटाना नहीं, बल्कि छात्रों के मूलभूत मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर उन पर ठोस निर्णय करवाना है."-बीकेश भट्ट, छात्र नेता

अमन यादव की 13 सूत्री मांगें: शिक्षा सत्याग्रह 2.0 के तहत ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) की ओर से 13 सूत्री मांगें रखी गई हैं. छात्र नेता अमन यादव के मुताबिक, सबसे पहली मांग BPSC 70वीं परीक्षा को पूरी तरह निरस्त करने की है. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा को लेकर उठे सवालों और कथित अनियमितताओं के कारण पूरी परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं, इसलिए इसे रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने की मांग की जा रही है.
सभी लंबित परीक्षाओं को जल्द करें आयोजित: दूसरी मांग BSSC की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट स्तरीय परीक्षा, CGL, ASO, BSO सहित सभी लंबित परीक्षाओं को जल्द से जल्द आयोजित करने की है. छात्रों का कहना है कि कई भर्तियों की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है, जिससे अभ्यर्थियों की तैयारी और उम्र दोनों प्रभावित हो रही हैं. तीसरी मांग असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली से पहले BET यानी Bihar Eligibility Test का आयोजन कराने की है.
'एक उम्मीदवार, एक परिणाम' की मांग चौथी मांग: TRE-4 की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने और पूर्व की परीक्षाओं के अनुरूप एकल परीक्षा तथा 'One Candidate, One Result' की व्यवस्था लागू करने की है. छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता और पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि एक अभ्यर्थी के परिणाम को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे.
दरोगा भर्ती परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की मांग: पांचवीं मांग 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की है. साथ ही परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट उपलब्ध कराने की मांग की गई है. छठी मांग BPSC की ओर से आयोजित AEDO, SANITARY सहित विभिन्न रद्द परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की है.
प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग: सातवीं मांग CSBC की ओर से आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं में परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने की है. छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए अभ्यर्थियों को अपनी परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड देखने का अधिकार मिलना चाहिए.
लाइब्रेरियन और लेखपाल भर्ती की मांग: आठवीं मांग 18 वर्षों से लंबित लाइब्रेरियन भर्ती और चार वर्षों से लंबित लेखपाल भर्ती को जल्द पूरा करने की है. छात्रों का कहना है कि लंबे समय से नियुक्तियों के इंतजार में बैठे अभ्यर्थियों के लिए अब और देरी करना उनके भविष्य के साथ अन्याय है.
भर्ती प्रक्रियाओं में डोमिसाइल नीति: नौवीं मांग बिहार में आयोजित सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित करने की है. छात्रों का तर्क है कि समय पर भर्ती नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर जाते हैं. दसवीं मांग बिहार की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की है, ताकि राज्य के अभ्यर्थियों को नियुक्ति में उचित अवसर मिल सके.
सभी अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर की मांग: ग्यारहवीं मांग बिहार की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में संविदा कर्मियों को दिए जाने वाले वेटेज को पूर्णत समाप्त करने की है. छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में सभी अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर और समान प्रतिस्पर्धा का वातावरण होना चाहिए.
भर्ती का निश्चित कैलेंडर: बारहवीं मांग बिहार की सभी भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने और उसका सख्ती से पालन करने की है. छात्रों का कहना है कि परीक्षा और भर्ती का निश्चित कैलेंडर होने से अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी और अनिश्चितता कम होगी.
धांधली और सेटिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई: तेरहवीं और अंतिम मांग बिहार की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में पेपर लीक, धांधली और सेटिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की है. छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है, इसलिए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है.
25 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी: पांच दिनों से जारी आमरण अनशन और अब छात्रा जानवी कुमारी के भी अनशन में शामिल होने के बाद आंदोलनकारियों ने 25 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया है. तेजस्वी यादव के गर्दनीबाग पहुंचने और कार्यक्रम को समर्थन देने के बाद छात्र नेताओं का उत्साह बढ़ा है. आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार से बार-बार मांग रखने के बावजूद यदि समाधान नहीं निकलता है तो विधानसभा घेराव के जरिए छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा.
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