गरीब ही क्यों मारा जा रहा? जहरीली शराब से मौत मामले की तेजस्वी यादव ने की हाईलेवल जांच की मांग
जहरीली शराब से मौत मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला किया और हाईलेवल जांच की मांग की है. रिपोर्ट- कुंदन कुमार

Published : August 31, 2026 at 4:17 PM IST
पटना : बिहार के पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में रविवार को जहरीली शराब से चार लोगों की मौत हो गई थी. इसको लेकर अब बिहार में सियासत भी शुरू हो गयी है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर जमकर निशाना साधा है और कहा है कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए.
तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला : तेजस्वी यादव ने कहा, जब बिहार में पूर्ण शराबबंदी है तो फिर शराब मिल कहां रहा है और जहरीली शराब बनाने वाले कौन लोग हैं, जिसपर सरकार कार्रवाई नहीं कर पा रही है. तेजस्वी यादव ने कहा कि इस मामले को लेकर वहां के प्रशासन को जवाब देना चाहिए.
"बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. जहरीली शराब से मौत की यह कोई पहली घटना नहीं है. कई बार ऐसी घटनाएं हुई हैं. इसे प्रशासन को देखना चाहिए, लेकिन वह पूरी तरह से लापरवाह है. कानून व्यवस्था भी ध्वस्त हो चुकी है. इस घटना की जांच होनी चाहिए."- तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष
गरीब और दलित ही जा रहे जेल- तेजस्वी : तेजस्वी यादव ने आगे कहा, बिहार में पूर्ण शराबबंदी है और लगातार जहरीली शराब से कई लोग मर रहे हैं. सरकार इसको लेकर कुछ नहीं कर रही है. शराबबंदी कानून के बाद सिर्फ और सिर्फ दलित वर्ग के लोग गरीब आदमी ही क्यों मारे जा रहे हैं? वही जेल में हैं और कोई जेल क्यों नहीं जाता है? सरकार के पास इनसब सवालों का कोई जवाब नहीं है.
'शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां' : उन्होंने सरकार पर हमला करते हुए कहा, बिहार में लगातार अपराध बढ़ रहा है. सत्ता के संरक्षण में अपराध हो रहा है, लेकिन उसको रोकने में सरकार पूरी तरह से भी विफल है. आम जनता देख रही है कि किस तरह से बिहार में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि यह सब बड़ी प्रशासनिक विफलता है. शराब अगर मिल रही है, जहरीली शराब तक बेची जा रही है, लोग मर रहे हैं तो फिर सरकार इसको लेकर जवाब क्यों नहीं दे रही है.
क्या है मामला?: रविवार को बाढ़ अनुमंडलीय थाना क्षेत्र बेढ़ना गांव के चार युवकों की मौत हो गई थी. ग्रामीणों के अनुसार, शराब पार्टी के बाद चारों की अचानक तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद देखते ही देखते चारों बेहोश हो गए. सभी को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी.
बिहार में शराबबंदी : बिहार में 2016 को शराबबंदी कानून लागू की गई थी. उस समय नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर यह बड़ा फैसला लिया था. लेकिन शराबबंदी के बावजूद बिहार के विभिन्न जिलों से जहरीली शराब से मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं. सख्त कानून के बावजूद ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है. हालांकि बाढ़ में चार युवकों की मौत को संदिग्ध माना जा रहा है और जहरीली शराब से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
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