'RSS जो बुलवाना चाहता है, आरक्षण पर वही बोल रहे हैं चिराग औैर मांझी' तेजस्वी का आरोप
तेजस्वी यादव ने एक बार फिर चिराग पासवान और जीतनराम मांझी से इस्तीफा मांगा है. उन्होंने आरक्षण पर आरएसएस को भी लपेटा. रिपोर्ट- रंजीत कुमार

Published : September 1, 2026 at 4:42 PM IST
पटना: देश में आरक्षण का मुद्दा फिर से गरमा गया है. एनडीए के घटक दल के नेता आरक्षण की समीक्षा को लेकर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं. एलजेपीआर चीफ चिराग पासवान और हम संरक्षक जीतनराम मांझी के बीच जुबानी जंग छिड़ी है. वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर इन दोनों नेताओं को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा कि यह लोग मलाई भी खा रहे हैं और आरक्षण को भी खत्म करना चाहते हैं.
चिराग-मांझी पर साधा निशाना: तेजस्वी यादव ने चिराग और मांझी पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि इन लोगों का दोहरा स्टैंड है. एक समर्थन कर रहे हैं और दूसरा विरोध कर रहे हैं. वास्तव में आरएसएस जैसा चाहता है, वैसा ही ये दोनों नेता बोल रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हर कोई जानता है कि आरएसएस आरक्षण विरोधी है.
मंत्री परिषद से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ें: तेजस्वी ने कहा कि बिहार के जो नेता केंद्र और राज्य सरकार में मंत्री बने हुए हैं, वे इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? उन्होंने दोनों नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर आरक्षण को लेकर उन्हें कोई दिक्कत है तो अपने पद से इस्तीफा देकर सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं.

"गजब बात है ये लोग आरक्षण का फायदा भी उठा रहे हैं और आरक्षण पर बोल भी रहे हैं. इस्तीफा दे दो और सामान्य सीट से चुनाव लड़ो. आरएसएस जो बुलवाता है, ये लोग वही बोलते हैं."- तेजस्वी यादव, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, आरजेडी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चिराग पासवान और जीतनराम मांझी आरक्षण का लाभ लेकर मंत्री बने हैं और अब आरक्षण की समीक्षा या उससे जुड़े बदलाव की बात कर रहे हैं. तेजस्वी ने कहा कि आरक्षण को खत्म करने की कोशिश करने वालों के साथ ही चिराग पासवान और जीतनराम मांझी सरकार चला रहे हैं.

आरक्षण को नौवीं अनुसूची में डालने की मांग: पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि उनका सवाल है कि जाति आधारित गणना के बाद आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए जब बिहार विधानसभा से प्रस्ताव भेजा जा चुका है तो उसे नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव क्यों नहीं बनाया जा रहा है? इस पर क्यों नहीं चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा या नीतीश कुमार आवाज उठाते हैं?
जनसमस्या उठाने पर बिहार पुलिस अब पत्रकारों पर फर्जी केस ही नहीं बल्कि जानलेवा हमला भी कर रही है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 1, 2026
बिहार में आपराधिक प्रवृत्ति के मुख्यमंत्री का मनोनयन होने से अब पुलिस का चरित्र भी आपराधिक हो गया है। हालिया दिनों में जब मर्जी जहां मर्जी पुलिस अधिकारी आम नागरिकों की हत्या कर दे… pic.twitter.com/i87C9HrlRz
'बिहार को पुलिस राज्य नहीं बनने देंगे': तेजस्वी यादव ने पुलिसिया कार्रवाई और आरक्षण के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में पुलिस के जरिए लोगों की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है. सम्राट चौधरी बिहार को पुलिस राज्य बनाना चाहते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. वैशाली में यूट्यूबर के साथ मारपीट और तथाकथित तौर पर फर्जी मुकदमे को लेकर स्थानीय मंत्री पर भी आरजेडी नेता ने हमला बोला है.
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