'मेरा राजनीतिक भविष्य कैसा रहेगा?', तेजप्रताप यादव ने बाबा बागेश्वर को वीडियो कॉल कर मांगी मदद
चुनावी हार से उबरने की कोशिश कर रहे तेजप्रताप यादव अब बाबा बागेश्वर की शरण में आ गए हैं. उनसे अपना राजनीतिक भविष्य पूछा है.

Published : April 28, 2026 at 5:50 PM IST
पटना: बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव इन दिनों राजनीतिक गर्दिश में जी रहे हैं. पुरानी पार्टी (आरजेडी) और परिवार से निकाले जा चुके हैं. खुद की पार्टी (जनशक्ति जनता दल) बनाई लेकिन विधानसभा चुनाव में शिकस्त मिली. निजी जीवन भी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में तेजप्रताप अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. यही वजह है कि उन्होंने कथावाचक बाबा बागेश्वर से मदद मांगी है.
बाबा की शरण में तेजप्रताप: पूर्व विधायक तेजप्रताप यादव ने कथावाचक धीरेद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर से फोन पर वीडियो कॉल के माध्यम से बात की है. जहां उन्होंने बाबा से अपने भविष्य खासकर राजनीतिक करियर को लेकर सवाल पूछे हैं. जिस पर बाबा बागेश्वर ने उनको भरोसा दिया है कि जब वह उनके पास आएंगे, तब विस्तार से बातचीत करेंगे और बताएंगे.
'बाबा मेरा पॉलिटिकल फ्यूचर देख लो': वीडियो कॉल पर तेजप्रताप यादव कहते हैं, 'सर मेरा राजनीतिक देख लीजिएगा, राजनीतिक.' इस पर बाबा बागेश्वर कहते हैं, 'बिल्कुल, पक्का. हम और आप बैठेंगे, जब आप यहां आएंगे. एक-दो मिनट आपके साथ बैठूंगा.' फिर तेजप्रताप कहते हैं, 'जी बैठेंगे, साथ में बैठेंगे.' इस पर धीरेद्र शास्त्री हामी भरते हुए कहते हैं, 'जी भैया'

कभी बाबा का किया था विरोध: दोनों की बातचीत इसलिए भी खास हो जाती है, क्योंकि कभी तेजप्रताप यादव ने धीरेद्र शास्त्री का विरोध किया था. असल में साल 2023 में बाबा बागेश्वर का बिहार दौरा प्रस्तावित था, तब तेजप्रताप ने बिहार को गांधी और बुद्ध की धरती बताते हुए उनको आयोजन का विरोध किया था. बाद में भी बेहद तीखे बयान दिए थे.

धार्मिक प्रवृति के हैं तेजप्रताप: वैसे तेजप्रताप यादव को काफी धार्मिक माना जाता है. कभी काशी, कभी वृंदावन तो कभी अन्य धार्मिक स्थलों पर देखे जाते हैं. वह कभी शिव के भेष में तो कभी कृष्ण का रूप बनाकर फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. अलग-अलग धर्म गुरुओं के साथ भी नजर आते हैं.
चुनाव हारे हुए हैं तेजप्रताप: पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. आरजेडी से निकाले जाने के बाद उन्होंने जनशक्ति जनता दल का गठन किया था. खुद महुआ सीट से चुनाव लड़ा लेकिन कामयाबी नहीं मिली. उससे पहले वह 2020 में हसनपुर और 2015 में महुआ सीट से विधायक थे.
पारिवारिक जीवन में भी उथल-पुथल: तेजप्रताप यादव अपनी निजी जिंदगी में भी काफी परेशान हैं. पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ तलाक प्रकरण अभी भी कोर्ट में चल रहा है. अनुष्का यादव के साथ प्रेम संबंध के कारण पिता लालू यादव ने उनको पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया. हालांकि हाल के दिनों में वह फिर से परिवार के नजदीक आते दिखे हैं लेकिन निजी जीवन में अभी भी काफी उथल-पुथल है.

