'क्या आपके घर दही-चूरा भोज पर आएंगे लालू यादव .." सवाल सुनकर क्या बोले तेजप्रताप ?
तेजप्रताप यादव ने लालू यादव को चूरा-दही भोज का निमंत्रण दिया और उनका आशीर्वाद लिया. जब वह बाहर आए तो मीडियाकर्मियों ने सवाल पूछ लिया..पढ़ें-

Published : January 9, 2026 at 5:31 PM IST
नई दिल्ली/ पटना : आरजेडी प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे इन दिनों बिहार में दही-चूरा भोज के लिए नेताओं और लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं. पार्टी और घर से निकाले जाने के बाद उन्होंने पहली बार दिल्ली में पिता लालू यादव से मुलाकात की और पटना के सरकारी आवास में दही-चूरा भोज पर आने का निमंत्रण दिया. फिलहाल NDA नेताओं को दही चूरा भोज का न्योता देने पर वैसे ही तेजप्रताप सुर्खियों में हैं.
लालू यादव को दही चूरा भोज का निमंत्रण : जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप से जब मीडियाकर्मियों ने सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें दही चूड़ा भोज के लिए पिता लालू यादव का आशीर्वाद मिल गया है. वो दही चूड़ा भोज का निमंत्रण देने और आशीर्वाद लेने यहां आए हुए थे.
#WATCH दिल्ली | जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने कहा, " मैंने उन्हें (लालू प्रसाद यादव) 'चूरा-दही' (मकर संक्रांति) के लिए आमंत्रित किया है...वह आएंगे..." pic.twitter.com/d9S16zdP6U
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 9, 2026
"मैंने उन्हें (लालू प्रसाद यादव) 'चूरा-दही' (मकर संक्रांति) के लिए आमंत्रित किया है...वह आएंगे..."- तेजप्रताप यादव, जेजेडी प्रमुख
NDA नेताओं को भी दे चुके हैं निमंत्रण : तेजप्रताप यादव पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर दही चूरा भोज का आयोजन कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, मंत्री संतोष सुमन और मंत्री दीपक प्रकाश को निमंत्रण देकर दही-चूरा भोज में आमंत्रित किया है.
दिल्ली में थे तेजप्रताप यादव : तेजप्रताप आज दिल्ली आए हुए थे. लैंड फॉर जॉब केस में उनकी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई थी. लालू यादव भी इस दौरान मौजूद थे. केस की सुनवाई पूरी होने के बाद तेजप्रताप अपनी बहन मीसा भारती के आवास पर पहुंचे जहां लालू यादव पहले से ही रह रहे हैं.
तेजस्वी से बनी रही दूरी ! : तेजस्वी और तेजप्रताप का भी लिफ्ट में आमना-सामना हुआ लेकिन तिरछी नजर से देखा लेकिन बात नहीं हुई. वह सिर्फ लालू यादव को निमंत्रण देकर पटना के लिए रवाना हो गए. 14 जनवरी को दही-चूरा भोज है और उसी दिन मकर संक्रांति भी है.
मकर संक्रांति और बिहार की सियासत : अक्सर बिहार की सियात मकर संक्रांति के बाद से बदलती रही है. इसलिए मकरसंक्रांति बिहार की राजनीति में एक अलग तरह से जाना जाता है. तेज प्रताप के मन में क्या है? क्या खिचड़ी पक रही है इसका पता बाद में ही लग सकेगा.
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