TEETH CARE; लापरवाही छोड़ें, नहीं तो खो जाएगी आपके बच्चे की SMILE, अपनाएं ये टिप्स
जंकफ़ूड, टॉफी-चॉकलेट जैसे खाद्य पदार्थों से दांतों में केविटी, सड़न समेत कई समस्याएं हो रही हैं.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 3, 2026 at 11:59 AM IST
मेरठ : चेहरे की सुंदरता स्वस्थ और व्यवस्थित दांतों से बढ़ती है. ऐसे में दांतों की सुरक्षा बेहद जरूरी है. वर्तमान में बड़ों के साथ बच्चों में भी दांतों से जुड़ी गंभीर समस्याएं आम हो गई हैं. इसका सबसे बड़ा कारण बदलती जीवन शैली और खान-पान के तौर तरीके हैं. ऐसे में दांतों को सुरक्षित-व्यवस्थित और मजबूत रखने के लिए कुछ उपाय ऐहतियात जरूरी हैं. पढ़ें दंत रोग विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित ईटीवी भारत की विशेष खबर...
डेंटल सर्जन डॉ. विवेक अदलखा ने बताया कि वर्तमान में बड़े लोगों से लेकर छोटे बच्चों में केविटीज, दांतों में सड़न के मामले बहुत ज्यादा आ रहे हैं. जंकफ़ूड टॉफी चॉकलेट के पहले इतने ऑप्शन भी नहीं थे, लेकिन अब तो बच्चों के पास बहुत से ऑप्शन होते हैं, जिस वजह से ऐसी चीजें बच्चों को अपनी तरफ आकर्षित करती हैं. पैरेंट्स भी बच्चों को रोक नहीं पा रहे हैं. जिससे बच्चों को समस्या हो रही है और छोटी उम्र में ही बच्चों के दांत खराब हो रहे हैं.

डॉ. विवेक अदलखा कहते हैं कि जिस प्रकार हम Screen Time कम करने के प्रयास करते हैं उसी तरह चॉकलेट, जंकफ़ूड, कैंडीज को भी कम करने की आदत बच्चों में डालनी चाहिए. जब भी कोई इन चीजों का सेवन करता है तो ये चीजें ज्यादा देर तक दांतों में चिपकी रहती हैं. ज्यादा देर तक अगर दांतों में ये चीजें लगी रहेंगी तो सड़न बढ़ती है जो कुछ समय बाद बड़ी समस्या में बदल जाती है.
डॉ. विवेक बताते हैं कि प्रायः ये देखने में आया है कि छोटे बच्चे जिनकी उम्र मुश्किल से तीन से साल तक होती है. जिनके मुंह में मुश्किल से 15 से 20 दांत (दूध के दांत) ही होते हैं. उनमें से 12 से 15 दांत खराब हो जाते हैं. ऐसे बहुत से पैरेंट्स बच्चों को लेकर उपचार के लिए आते हैं. ऐसे मामलों में सिर्फ डेंटल चेयर (Dental Chair) पर ही नहीं, बल्कि बच्चों को बेहोश करके पूरे के पूरे दांतों का Treatment करना पड़ता है. इतनी छोटी उम्र में बच्चों के दांतों में कैविटी (Cavities) दांतों की सड़न (Tooth Decay) बड़ी समस्या है.
डाॅ. विवेक के मुताबिक ऐसे में जरूरी है कि खान-पान में स्टिकी (Sticky Foods) (चिपचिपी) चीजों के ज्यादा इस्तेमाल से बचें. सख्त कैंडी (जॉली रैंचर्स) लॉलीपॉप और अन्य मीठे खाद्य पदार्थ दांतों में चिपककर या फिर दांतों में फंसकर कैविटी का कारण बनते हैं. ऐसी चीजों के सेवन से बचें. दांतों को अच्छी तरह से दो बार साफ करें. नियमित तरीके से सोने से पहले ब्रश अवश्य करें. भोजन में सलाद और फल लें. ये प्राकृतिक सफाई करने वाले (Natural Cleanser) होते हैं.
मेरठ जिला अस्पताल की डेंटल सर्जन डॉ. अलका चौधरी बताती हैं कि वर्तमान में दांतों की समस्या वाले बच्चों की संख्या बहुत ज्यादा रहती है. ऐसा खानपान की शैली में बदलाव की वजह से है. प्राय: देखने में आता है कि जंकफूड पिज्जा, बर्गर, सैंडविच, चॉकलेट, टॉफी, कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने वाले बच्चों में समस्याएं ज्यादा हैं. दांतों के घिसने की समस्या भी कॉमन होती जा रही है. इसकी एक वजह Teeth Brushing का गलत तरीका है. नवजात शिशुओं के दांतों की देखभाल की जिम्मेदारी माताओं की है.
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