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केंदुआडीह गैस रिसाव मामला, CMPDI की टीम ड्रोन के जरिए कर रही आकलन

रांची से सीएमपीडीआई की एक टीम केंदुआडीह गैस रिसाव वाले इलाके ड्रोन कैमरे से आकलन किया.

Kenduadih gas leak
सीएमडीआई टीम का दौरा (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : December 11, 2025 at 5:14 PM IST

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Updated : December 11, 2025 at 5:53 PM IST

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धनबाद: CMPDI (सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड), रांची के जियोलॉजी डिपार्टमेंट की एक टीम ने केंदुआडीह गैस रिसाव वाली जगह का दौरा किया. जियोलॉजी मैनेजर भुवनेश कुमार गुप्ता और उनकी टीम ने इलाके का और उस जगह को मापने के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया, जहां से गैस निकल रही है.

उन्होंने तापमान भी रिकॉर्ड किया और निकलने वाली गैस की मात्रा की जांच की. केंदुआडीह में गैस रिसाव की घटना को नौ दिन हो गए हैं. वैज्ञानिकों की अलग-अलग टीमें रोजाना गैस लीक की स्थिति पर नजर रख रही हैं. फिलहाल, स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

जानकारी देते सीएमडीआई टीम के जियोलॉजी मैनेजर भुवनेश कुमार गुप्ता (Etv Bharat)

मैनेजर भुवनेश गुप्ता ने मीडिया को बताया कि अभी मौसम ठंडा है, अधिकतम तापमान 22 से 22 डिग्री सेल्सियस है. उन्होंने बताया कि अगर तापमान सामान्य से ज्यादा होता, तो इसका कारण गैस रिसाव हो सकता था. टीम ने इलाके की आबादी और घरों की संख्या के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल किया.

भुवनेश गुप्ता ने कहा कि आज जो प्रक्रिया पूरी हुई है, उसे दोहराया जा सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सही आकलन के लिए दूसरी जांच और रिपोर्ट जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि पूरी रिपोर्ट तैयार करने में 15 से 20 दिन लगेंगे.

इस बीच, केंदुआडीह गैस लीक वाली जगह पर जांच प्रक्रिया जारी है. विशेषज्ञ वैज्ञानिक गैस लीक के कारणों का पता लगाने में लगे हुए हैं. नौ दिन बाद भी गैस का स्तर कम होता नहीं दिख रहा है.

झामुमो केंद्रीय समिति के सदस्यों ने किया केंदुआडीह का दौरा

पार्टी के आदेशों का पालन करते हुए, झामुमो केंद्रीय समिति के सदस्यों ने केंदुआडीह में गैस रिसाव से प्रभावित इलाके का दौरा किया. उन्होंने स्थिति के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए केंदुआडीह थाना प्रभारी से मुलाकात की. उन्होंने गैस रिसाव के लेवल के बारे में निवासियों के घरों पर लगे नोटिस और BCCL द्वारा जारी किए गए नोटिस भी देखे. उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं, और उन्हें मदद के लिए हर संभव कोशिश करने का आश्वासन दिया.

झामुमो केंद्रीय समिति की सदस्य डॉ. नीलम मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गैस लीक का लेवल ऊपर-नीचे हो रहा है. यहां स्थिति बहुत गंभीर है. गैस रिसाव को रोकने पर ध्यान देने के बजाय, बीसीसीएल प्रबंधन लोगों को दूसरी जगह बसाने को प्राथमिकता दे रहा है. यह स्थानीय लोगों के हित में नहीं है. यह लोगों को विस्थापित करने की कोशिश है.

उन्होंने कहा कि इस घटना में गैस रिसाव की वजह से दो लोगों की मौत हो गई. कई लोग अभी भी बीमार हैं. बीसीएल लोगों को दूसरी जगह बसाने की बात कर रहा है, लेकिन उन्हें दूसरी जगह बसाने के बजाय, गैस लीक को रोकने की कोशिश की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं.

इस बीच, झामुमो जिला अध्यक्ष लखी सोरेन, जो टीम का हिस्सा थे, ने BCCL पर आरोप लगाते हुए कहा कि BCCL सिर्फ कोयला खनन पर ध्यान दे रहा है और लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं लग रहा है.

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Last Updated : December 11, 2025 at 5:53 PM IST