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बिना पॉलिसी स्कूल लेक्चरर्स के तबादलों पर बवाल, शिक्षक संगठनों ने उठाए सवाल

मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जा रही है. जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा.

Education Complex, Jaipur
शिक्षा संकुल, जयपुर (ETV Bharat Jaipur (File Photo))
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 10, 2026 at 6:10 PM IST

2 Min Read
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जयपुर: राजस्थान में शिक्षा विभाग की ओर से बड़ी संख्या में व्याख्याताओं (लेक्चरर्स) के तबादले किए जाने को लेकर शिक्षक संगठनों में रोष है. विभाग ने हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, भूगोल सहित सभी प्रमुख विषयों के कुल 6 हजार 521 व्याख्याताओं के ट्रांसफर किए हैं. शिक्षक नेता महावीर सिहाग ने बीच सत्र में बिना ठोस ट्रांसफर पॉलिसी के तबादले किए जाने पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है.

बिना पॉलिसी ट्रांसफर का मतलब भ्रष्टाचार :परीक्षाओं से ठीक पहले शिक्षा विभाग ने 6521 व्याख्याताओं (Lecturers) के तबादले किए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 1,644 हिंदी व्याख्याता हैं. शिक्षक नेता महावीर सिहाग ने कहा कि सरकार पहले ही बीच सत्र में प्रधानाचार्यों के तबादले कर चुकी है. अब बड़ी संख्या में व्याख्याताओं को भी स्थानांतरित कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना ट्रांसफर पॉलिसी के किए तबादलों का सीधा मतलब भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और राजनीतिक प्रताड़ना है. सरकार बार-बार इस तरह के निर्णय लेकर व्यवस्था को कमजोर कर रही है. सिहाग ने कहा कि परीक्षाओं से ठीक पहले शिक्षकों का तबादला करना छात्रों और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए नुकसानदायक है. इससे पढ़ाई प्रभावित होगी.

ट्रांसफर पॉलिसी पर बोले... (ETV Bharat Jaipur)

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विषयवार ट्रांसफर सूची

हिंदी 1644
अंग्रेजी 355
कॉमर्स 91
इतिहास 973
जीव/रसायन विज्ञान737
गणित 104
कृषि 74
भौतिक विज्ञान416
राजनीतिक विज्ञान909
भूगोल एवं अन्य विषय 1010
संस्कृत208
कुल 6521

शिक्षा मंत्री और विभाग से मांग: शिक्षक नेता ने शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री से मांग की कि पहले एक स्पष्ट और पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जाए. फिर थर्ड ग्रेड शिक्षक से लेकर प्रधानाचार्य तक जिन शिक्षकों को ट्रांसफर चाहिए, उनके तबादले सत्र समाप्त होने के बाद किए जाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो राजस्थान के शिक्षक एक बार फिर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे. इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और सरकार की होगी.

मंत्री बोले-ट्रांसफर पॉलिसी पर हो रहा काम: पूरे मामले पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सरकार शिक्षकों की चिंता को समझती है. निश्चित रूप से ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जा रही है. उस पर विचार-विमर्श चल रहा है. जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. मंत्री के बयान से फिलहाल शिक्षक संगठनों को आंशिक आश्वासन जरूर मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर तबादलों को लेकर असंतोष बरकरार है. सबसे बड़ा सवाल ये कि आखिर बीच सत्र में तबादले करने का क्या औचित्य. इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी और विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ेगा.

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