CBSE स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का इंतजार बढ़ा, कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक टली
हिमाचल सीबीएसई शिक्षक संघ ने सरकार से पहले से घोषित मेरिट आधारित प्रक्रिया को ही लागू करने की मांग दोहराई है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 19, 2026 at 11:16 AM IST
शिमला: हिमाचल के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में नियुक्ति का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है, लंबे समय से अटकी नियुक्ति प्रक्रिया पर फैसला लेने के लिए आज होने वाली कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक स्थगित कर दी गई है. शिक्षा विभाग से जुड़ी इस बहुप्रतीक्षित बैठक पर 6084 चयनित शिक्षकों की निगाहें टिकी हुई थीं, लेकिन अब उन्हें कुछ और समय तक इंतजार करना पड़ेगा. जानकारी के अनुसार शिक्षा सचिव राकेश कंवर के हिमाचल से बाहर होने के कारण बैठक नहीं हो सकी.
147 स्कूलों में भर्ती के लिए हुई थी चयन प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि, वह 22 जून को शिमला लौटेंगे, जिसके बाद ही बैठक आयोजित किए जाने की संभावना है. हालांकि बैठक की नई तारीख अभी तय नहीं की गई है. प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से 158 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया था. इनमें से 147 स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से 9821 शिक्षकों ने भाग लिया.
मेरिट सूची में 6084 शिक्षक
परीक्षा के बाद जारी मेरिट सूची में 6084 शिक्षक सफल घोषित हुए और उन्हें अपनी पसंद के स्कूलों के लिए विकल्प भरने का अवसर भी दिया गया. शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया अनिश्चितता में फंस गई. अब चयनित शिक्षक अपने पसंदीदा स्कूलों में नियुक्ति और स्कूल आवंटन को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति के कारण शिक्षकों में बेचैनी बढ़ती जा रही है. दूसरी ओर सरकार भी इस मामले में बेहद सावधानी से कदम बढ़ा रही है, क्योंकि नए सीबीएसई स्कूलों में चयनित शिक्षकों की तैनाती के साथ-साथ वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के संभावित तबादलों और प्रशासनिक संतुलन को भी ध्यान में रखना आवश्यक है.
कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में लगेगी अंतिम मुहर
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी शामिल होंगे. सूत्रों के अनुसार, बैठक में शिक्षकों की तैनाती के लिए मेरिट, विकल्प, वरिष्ठता अथवा इन सभी के मिश्रित मॉडल पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है. यही वजह है कि सरकार किसी भी फैसले से पहले सभी पहलुओं का गहन अध्ययन कर रही है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो.
CBSE स्कूलों में 5623 शिक्षकों की आवश्यकता
बता दें कि, प्रदेश के 147 सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में कुल 5623 शिक्षकों की आवश्यकता को देखते हुए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला द्वारा स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया गया था. परीक्षा परिणाम और मेरिट सूची जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना था, लेकिन नीतिगत और प्रशासनिक कारणों से मामला लंबित हो गया. अब हजारों चयनित शिक्षकों को उम्मीद है कि शिक्षा सचिव के लौटने के बाद होने वाली कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में अंतिम नीति पर मुहर लगेगी और लंबे समय से प्रतीक्षित नियुक्ति और स्कूल आवंटन प्रक्रिया को हरी झंडी मिल जाएगी.
शिक्षक संघ की मांग
सीबीएसई शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार से पहले से घोषित मेरिट आधारित प्रक्रिया को ही लागू करने की मांग की है. संघ का कहना है कि, जब स्क्रीनिंग परीक्षा पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई थी और इसकी मेरिट लिस्ट भी जारी हो चुकी है, तो नियुक्तियां भी उसी आधार पर होनी चाहिए.
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