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हिमाचल में धार्मिक केंद्र और पर्यटन के रूप में उभर रहा ये क्षेत्र, आस्था, गर्म चश्मों और वाटर स्पोर्ट्स का अद्भुत संगम

हिमाचल में नए पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा ये क्षेत्र हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है.

Tattapani develop as religious and tourist destination
पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा तत्तापानी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 9, 2026 at 9:28 AM IST

3 Min Read
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मंडी: हिमाचल प्रदेश दुनियाभर में पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है. यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं मौजूद हैं. वहीं, प्रदेश में आने वाले पर्यटकों में भी एडवेंचर एक्टिविटी के लिए खासा क्रेज रहता है. ऐसे में हिमाचल प्रदेश में एक और जगह पर्यटन के रूप में लोगों की पसंद बनती जा रही है. ये जगह न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि वाटर स्पोर्ट्स और रोमांच का भी बेहतरीन संगम है. ये जगह मंडी जिले के करसोग क्षेत्र में स्थित तत्तापानी है.

आस्था और रोमांच का संगम

तत्तापानी आज तेजी से एक बहुआयामी पर्यटन स्थल के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. सतलुज नदी के किनारे बसा ये ऐतिहासिक स्थल अपने प्राकृतिक गर्म पानी के चश्मों, धार्मिक मान्यताओं व आस्था और अब आधुनिक साहसिक पर्यटन गतिविधियों के कारण देश-प्रदेश के सैलानियों को आकर्षित कर रहा है. राजधानी शिमला से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित तत्तापानी आस्था, विश्वास और रोमांच का सुंदर संगम बन कर उभरा है.

Tattapani develop as religious and tourist destination
हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है तत्तापानी (ETV Bharat)

पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा तत्तापानी

तत्तापानी अब सिर्फ धार्मिक स्थल भर नहीं रहा है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी मजबूत हो रहा है. कोल डैम परियोजना के कारण तत्तापानी में बनी झील आज साहसिक गतिविधियों (adventure activities) का केंद्र बन रही है. यहां मोटर बोटिंग, जेट स्की, कयाकिंग जैसी वाटर स्पोर्ट्स के साथ-साथ हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियां भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रही है. इससे स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और हिमाचल में लोगों को आस्था और टूरिज्म एक ही जगह पर उपलब्ध हो रहा है.

"धार्मिक आस्था, औषधीय गुणों वाले कुंड और झील में संचालित जलक्रीड़ा गतिविधियां मिलकर तत्तापानी को एक विशिष्ट पहचान दे रही हैं. कुल मिलाकर, तत्तापानी आज परंपरा और आधुनिकता का संतुलित उदाहरण बनकर उभर रहा है, जहां श्रद्धा, प्रकृति और पर्यटन एक साथ अनुभव किए जा सकते हैं." - प्रेम रैना, सचिव, तत्तापानी वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन

Tattapani develop as religious and tourist destination
तत्तापानी में वाटर स्पोर्ट्स का रोमांच (ETV Bharat)

तत्तापानी के लिए सरकार की पहल

वहीं, राज्य सरकार भी तत्तापानी को एक सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. हाल ही में कोल डैम प्रबंधन के साथ बैठक कर सरकार ने यहां स्थित प्राकृतिक गर्म पानी के चश्मों के पुनर्जीवन की पहल की है. पुराने कुंडों की स्थिति सुधारने और उनमें गर्म पानी की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विकास के साथ-साथ इस क्षेत्र की धार्मिक गरिमा और प्राकृतिक सौंदर्य भी बना रहे.

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मकर संक्रांति पर हजारों लोग करते हैं तत्तापानी में स्नान (ETV Bharat)

तत्तापानी की धार्मिक मान्यता

गौरतलब है कि मंडी जिले में स्थित विश्व-प्रसिद्ध तत्तापानी अपने गंधकयुक्त गर्म पानी के चश्मों के लिए जाना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार यह क्षेत्र सप्तऋषियों में से एक ऋषि जमदग्नि की तपोस्थली भी रहा है, जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व और बढ़ जाता है. मान्यता है कि यहां पर स्नान करने से चर्म रोगों और जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है. धार्मिक दृष्टि से भी इस स्थान का विशेष महत्व है. तत्तापानी में स्नान को कुंभ स्नान के समान पुण्यदायी माना जाता है. हर साल मकर संक्रांति पर्व पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां आस्था की डुबकी लगाते हैं. सूर्य के उत्तरायण होने पर आयोजित मकर संक्रांति उत्सव में तुलादान की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसमें श्रद्धालु अन्न, वस्त्र आदि का दान करते हैं. मान्यताओं के अनुसार इससे ग्रह दोष शांत होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

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