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7 साल बाद जगी उम्मीद: बाड़मेर में 822 गांवों में 97 हजार नल कनेक्शन 2027 तक देने का लक्ष्य

गुड़ामालानी क्षेत्र के 451 गांवों के लिए लगभग 1040 करोड़ रुपए की लागत से कार्य शुरू हो चुका है.

Water Treatment Plant at Aleti
परियोजना के तहत आलेटी में निर्मित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (ETV Bharat Barmer)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 31, 2026 at 6:00 PM IST

3 Min Read
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बाड़मेर: जिले के हजारों ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. वर्षों से पेयजल संकट का सामना कर रहे सैकड़ों गांवों में अब घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी 'जायका योजना' (JICA) पर काम शुरू हो गया है. 7 साल के लंबे इंतजार के बाद जिले के गुड़ामालानी इलाके के 451 गांवों को वर्ष 2027 तक घर-घर नल कनेक्शन पेयजल उपलब्ध हो पाएगा. 2021 में बनी Japan International Cooperation Agency (JICA) परियोजना का कार्य वर्ष 2023 में पूर्ण हो जाना था, लेकिन बार-बार टेंडर के निरस्त होने की प्रक्रिया में उलझी रही. इधर, पेयजल किल्लत के कारण इन गांव में गर्मियों में लोगों के बेहाल है. हालांकि शिव और चौहटन के गांव के लिए अभी भी निविदा का इंतजार है.

2027 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य: जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता सोनाराम बेनीवाल के मुताबिक गुड़ामालानी क्षेत्र के 451 गांवों के लिए लगभग 1040 करोड़ रुपए की लागत से कार्य शुरू हो चुका है. अगले वर्ष 2027 तक इसे पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. चौहटन और शिव विधानसभा क्षेत्र के गांव की निविदा प्रक्रिया में है. गुड़ामालानी क्षेत्र में कार्यदेश जारी होने के बाद परियोजना को 24 महीना में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही आगामी 132 महीनों तक संबंधित कंपनी द्वारा रखरखाव और निगरानी का कार्य भी किया जाएगा.

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार, अब कनेक्शन की तैयारी (ETV Bharat Barmer)

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फ्लोरोसिस से स्थाई निजात मिलने की उम्मीद: जलदाय विभाग के अनुसार, वहीं चौहटन और शिव विधानसभा क्षेत्र के कुछ गांव को अभी भी इंतजार करना पड़ेगा. कई वर्षों से पेयजल संकट के साथ ही भूजल में फ्लोराइड और नाइट्रेट की भारी मात्रा के कारण लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता था. इस परियोजना के माध्यम से फ्लोरोसिस की गंभीर समस्या से स्थाई निजात मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

Water Treatment Plant, Aleti
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, आलेटी (ETV Bharat Barmer)

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जिले के 822 गांव शामिल: जलदाय विभाग के अनुसार, इस परियोजना के अंतर्गत बाड़मेर जिले के 822 गांवों को शामिल किया गया है. यह योजना जायका वित्तपोषित राजस्थान ग्रामीण जल प्रलय एवं फ्लोरोसिस उन्मूलन परियोजना फेज-02 के तहत तैयार की गई है. जिसकी स्वीकृति राज्य स्तरीय योजना समिति की 25वीं बैठक 2 जुलाई, 2021 में हुई थी. वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन शुरू होने पर यह 2011 की जनगणना के आधार पर इन गांवों के 96 हजार 946 घरेलू नल कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया था.

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निर्माण कार्य शुरू: परियोजना के पैकेज सीपी-02 में कुल 451 गांव के लिए 1363 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई थी. इसके बाद फरवरी 2022 में करीब 799 करोड़ रुपए की तकनीकी स्वीकृति भी प्रदान की गई. हालांकि निविदा प्रक्रिया और प्रशासनिक करणों से योजना लंबे समय तक अटकी रही. वर्ष 2023 में जारी टेंडर निरस्त होने के बाद दोबारा प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी. 27 अगस्त, 2025 को इस परियोजना का कार्यदेश जारी किया गया और अब पंप हाउस, जल शोधन संयंत्र तथा पाइपलाइन निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है. योजना पूरी होने के बाद ग्रामीणों को घर-घर नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा.